नाबालिग से दुष्कर्म मामले में बड़ी कार्रवाई: रुद्रपुर में लापरवाही पर दो महिला पुलिसकर्मी निलंबित
उधम सिंह नगर जिले में एक नाबालिग लड़की से जुड़े बेहद संवेदनशील मामले में लापरवाही बरतने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय गणपति ने सख्त कदम उठाया है। महिला अपराधों के प्रति उदासीनता दिखाने के आरोप में रुद्रपुर कोतवाली की महिला हेल्प डेस्क पर तैनात महिला हेड कांस्टेबल पायल आर्या और महिला कांस्टेबल मंजू आर्या को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 17 अप्रैल का है, जब आरोपी यश प्रताप सिंह एक नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले गया था। पीड़िता की मां का आरोप है कि इस दौरान उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया गया, जिससे वह गर्भवती हो गई। पीड़िता की मां ने शिकायत की कि उसने न्याय के लिए रुद्रपुर कोतवाली, पंतनगर कोतवाली और महिला हेल्प डेस्क के कई चक्कर काटे, लेकिन कहीं भी उनकी शिकायत पर नियमानुसार कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
एसएसपी की सख्त कार्रवाई और जांच के आदेश
6 मई को जब पीड़िता की मां पुलिस कार्यालय पहुंची, तो एसएसपी अजय गणपति ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल संज्ञान लिया।
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निलंबन: कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने पर दो महिला कांस्टेबलों को सस्पेंड कर दिया गया।
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विस्तृत जांच: पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच का जिम्मा क्षेत्राधिकारी पंतनगर डीआर वर्मा को सौंपा गया है।
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समय सीमा: जांच अधिकारी को 7 दिनों के भीतर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
“महिला अपराधों को अत्यंत गंभीरता से लिया जाएगा। हर पीड़िता को त्वरित और निष्पक्ष न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है। भविष्य में भी ऐसी लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
— अजय गणपति, एसएसपी, उधम सिंह नगर
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एसएसपी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि महिला संबंधी शिकायतों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई और पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार अनिवार्य है।

