पंजाबी महासभा के मंच से महापौर दीपक बाली का बड़ा ऐलान- काशीपुर में जल्द बनेगा विभाजन विभीषिका स्मृति पार्क और लाला लाजपत राय के नाम पर होगा वेंडिंग जोन

खबर शेयर करें -

 

पंजाबी समाज के सम्मान समारोह में की घोषणा, कहा- नई पीढ़ी को इतिहास और बलिदान से जोड़ना हमारी जिम्मेदारी

राजू अनेजा, काशीपुर। उत्तरांचल पंजाबी महासभा के प्रदेश, कुमाऊं मंडल एवं जिला कार्यकारिणी सम्मान समारोह में महापौर दीपक बाली ने पंजाबी समाज को दो बड़ी सौगात देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा विकसित किए जा रहे वेंडिंग जोन का नाम अमर शहीद लाला लाजपत राय के नाम पर रखा जाएगा। इसके साथ ही काशीपुर में विभाजन विभीषिका स्मृति पार्क का निर्माण कराने का भी संकल्प लिया गया है।

यह भी पढ़ें 👉  स्वतंत्रता दिवस पर लालकुआं को मिली सौंदर्यीकरण की सौगात: सांसद अजय भट्ट ने किया दो भव्य स्वागत द्वारों व तिरंगा LED लाइटों का लोकार्पण

महापौर ने कहा कि लाला लाजपत राय देश के महान स्वतंत्रता सेनानी और राष्ट्रभक्त थे। उनके नाम पर वेंडिंग जोन का नामकरण नई पीढ़ी को उनके संघर्ष और राष्ट्र सेवा से प्रेरित करेगा। वहीं विभाजन विभीषिका स्मृति पार्क देश के बंटवारे की दर्दनाक त्रासदी और लाखों परिवारों के संघर्ष को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।

दीपक बाली ने कहा कि पंजाबी समाज ने व्यापार, उद्योग, शिक्षा, समाजसेवा और शहर के विकास में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है। नगर निगम भी समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए उनकी महत्वपूर्ण मांगों को प्राथमिकता देगा।

यह भी पढ़ें 👉  पत्नी के मायके से न लौटने पर प्लंबर ने फंदा लगाकर की खुदकुशी, हल्द्वानी के पनियाली क्षेत्र की घटना; 3 बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

इस अवसर पर उन्होंने उत्तरांचल पंजाबी महासभा के नवनियुक्त नगर अध्यक्ष संजय अरोरा एवं पूरी कार्यकारिणी को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि नई टीम संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई कार्यकारिणी सामाजिक एकता, सेवा, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और जनकल्याण के कार्यों को नई दिशा देने का कार्य करेगी।

यह भी पढ़ें 👉  स्वतंत्रता दिवस पर ग्राम प्रधान मनीषा मलवाल ने दुर्गापालपुर परमा को दी सौगातें: गरीब परिवारों को बांटे पंखे, सार्वजनिक स्थानों पर लगाईं बेंच और सेफ्टी मिरर

महापौर की इन घोषणाओं का समारोह में मौजूद समाज के लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया। उन्हें विश्वास है कि इन दोनों प्रस्तावों के साकार होने से काशीपुर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad