गौला नदी में खनन संकट: 4500 गाड़ियाँ आरबीएम लादकर फँसीं, खनन व्यवसायियों ने बताया ‘लापरवाही’
लालकुआं: गौला नदी में खनन निकासी शुरू होने के बाद से ही वाहन स्वामियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। आज भी गौला नदी के अधिकांश गेटों से 4500 गाड़ियाँ आरबीएम (रिवर बेड मटेरियल) लादकर बाहर नहीं निकल पाईं और नदी के अंदर ही खड़ी रहीं।
अधिकारियों ने इस समस्या को तकनीकी खामी बताया है, जबकि खनन व्यवसायियों ने इसे अधिकारियों की बहुत बड़ी लापरवाही करार दिया है।
🚛 विभिन्न गेटों पर फँसे वाहनों की संख्या
गौला और नंन्धौर नदियों में आज शाम तक निकासी गेट के अंदर ही लोड गाड़ियाँ फँसी रहीं:
| गेट का नाम | फंसे वाहनों की संख्या |
| शीशमहल गेट | 525 |
| इंदिरानगर गेट | 600 |
| आंवला चौकी गेट | 540 |
| गोरापड़ाव गेट | 900 |
| लालकुआं गेट | 650 |
| देवरामपुर गेट | 350 |
| हल्दुचौड़ गेट | 400 |
| बेरीपड़ाव गेट | 600 |
| मोटाहल्दू गेट | 569 |
| कुल वाहन | 4500 |
🗣️ अधिकारियों और व्यवसायियों का मत
| पक्ष | कारण/कथन |
| वन विकास निगम (डीएम धीरेश बिष्ट) | खनन विभाग के ई-रवन्ना वाले सर्वर में दिक्कत चल रही है, जिसके चलते निकासी धीमी है। उन्होंने बताया कि आज 4500 वाहन फंसे हैं, जो कल निकलेंगे। (उन्होंने जिला खान अधिकारी को पत्र भेजा है)। |
| जिला खान अधिकारी | उनका कहना है कि सर्वर की समस्या का समाधान हो चुका है, परंतु इसके बावजूद भी एक वाहन निकालने में 10 मिनट से अधिक समय लग रहा है। |
| खनन समिति अध्यक्ष (रमेश जोशी) | उन्होंने इसे विभागीय अधिकारियों की लापरवाही एवं उदासीनता बताया। उनके अनुसार, वाहन स्वामियों को एक दिन आरबीएम लाने के लिए 2 दिन तक नदी के भीतर रुकना पड़ रहा है। |
| समस्या का एक अन्य कारण (रमेश जोशी) | वन निगम ने गाड़ी की आरसी के अनुसार वजन लाने को कहा है। इससे तौल कांटों पर वाहनों को बार-बार खनन सामग्री उतारना पड़ रहा है, जिससे हमेशा जाम रहता है और गाड़ियाँ अंदर फँसी रहती हैं। |

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