उत्तराखंड में आक्रामक हुआ मानसून: 30 जुलाई को 8 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, बागेश्वर में स्कूल बंद और यमुनोत्री-रुद्रप्रयाग में भूस्खलन से तबाही
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग (IMD) ने 30 जुलाई के लिए उत्तरकाशी, देहरादून, पौड़ी, टिहरी, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ सहित कई जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से नदियां-नाले उफान पर हैं और पर्वतीय व मैदानी दोनों क्षेत्रों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। आपदा के खतरे को देखते हुए बागेश्वर जिले के जिलाधिकारी ने गुरुवार, 30 जुलाई को जिले के सभी सरकारी-गैर सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है।
भूस्खलन से सड़कों पर तबाही और मार्ग बाधित
पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश के चलते कई जगह पहाड़ दरकने की डरावनी तस्वीरें सामने आ रही हैं। दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर जुड़ड़ो झरने के पास हुए भीषण भूस्खलन में एक वाहन बाल-बाल बचा। रुद्रप्रयाग में बारिश के कारण चारधाम बाईपास का एक बड़ा हिस्सा ढह गया, जिससे वहां स्थित दुकानों को सुरक्षा की दृष्टि से खाली कराया गया। इसके अलावा, बागेश्वर में 16 मुख्य मार्ग, पिथौरागढ़ में 20 से अधिक ग्रामीण सड़कें और चमोली में 12 मार्ग मलबे के कारण पूरी तरह बंद हो गए हैं। हालांकि, प्रशासन और बीआरओ (BRO) की मुस्तैदी से बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब मुख्य राजमार्ग फिलहाल सुचारु है।
नदियों में उफान और जलभराव, प्रशासन ने जारी की अपील
रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि में नाला उफान पर आने से बारिश और कीचड़ का पानी दर्जनों घरों में घुस गया। मैदानी जिलों हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में आकाशीय बिजली चमकने और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए गंगा व अन्य नदियों के तटवर्ती इलाकों में रहने वालों को सतर्क रहने को कहा गया है। मौसम विभाग ने 3 अगस्त तक राज्यभर में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और चारधाम यात्रियों से उफनती नदियों, बरसाती नालों और लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त अपील की है।
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