अब मनमर्जी से नहीं बदल सकेंगे वाहनों का रंग; जानें क्या है नई ‘कलर चेंज’ पॉलिसी

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देहरादून (6 मार्च 2026): यदि आप अपने वाहन का रंग बदलने की सोच रहे हैं, तो अब आपको केवल पेंटर के पास ही नहीं, बल्कि आरटीओ के चक्कर भी काटने होंगे। संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) संदीप सैनी ने स्पष्ट किया है कि बिना पूर्व अनुमति और निर्धारित दस्तावेजों के वाहन का रंग बदलना अब दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा।

रंग बदलने के लिए 5 अनिवार्य शर्तें

परिवहन विभाग ने नई प्रक्रिया के तहत निम्नलिखित औपचारिकताएं पूरी करना अनिवार्य कर दिया है:

  1. निर्धारित प्रारूप (Form 22T): वाहन स्वामी को केंद्रीय मोटरयान नियमावली के तहत प्रारूप-22टी में विधिवत आवेदन करना होगा।

  2. बीमा कंपनी की NOC: वाहन का रंग बदलने से पहले संबंधित बीमा कंपनी से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लेना अनिवार्य होगा, ताकि दुर्घटना की स्थिति में क्लेम को लेकर विवाद न हो।

  3. कंपनी द्वारा अधिकृत रंग: आप अपनी पसंद का कोई भी रेंडम रंग नहीं चुन सकते। वाहन का केवल वही रंग बदला जा सकेगा जो उस मॉडल के लिए निर्माता कंपनी (Manufacturer) ने अधिकृत किया हो। इसके लिए अधिकृत डीलर से भी एनओसी लेनी होगी।

  4. पुलिस/रिकॉर्ड रिपोर्ट: आवेदन के साथ वाहन की DLRC या NCRC रिपोर्ट संलग्न करनी होगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि वाहन चोरी का या किसी अपराध में संलिप्त नहीं है।

  5. शपथपत्र (Affidavit): वाहन स्वामी को एक शपथपत्र देना होगा कि संबंधित वाहन किसी भी प्रकार के कानूनी विवाद या न्यायालयी वाद में शामिल नहीं है।

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प्रक्रिया: आवेदन से पंजीयन तक

  • अनुमति: सभी दस्तावेजों की जांच के बाद परिवहन विभाग रंग परिवर्तन की लिखित अनुमति देगा।

  • जीएसटी बिल: रंग परिवर्तन का कार्य केवल अधिकृत सेंटर से कराना होगा, जो इसके लिए GST बिल और प्रमाणपत्र जारी करेगा।

  • RC में दर्ज: कार्य पूरा होने के बाद इस बदलाव को वाहन के पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC) में दर्ज कराना अनिवार्य होगा।

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नियमों का उल्लंघन करने पर क्या होगा?

आरटीओ ने सभी परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सड़क पर चलने वाले ऐसे वाहनों की चेकिंग की जाए जिनका रंग आरसी (RC) में दर्ज रंग से अलग है। बिना अनुमति रंग बदलने पर भारी जुर्माना और वाहन सीज करने की कार्रवाई की जा सकती है।

नई प्रक्रिया: एक नज़र में (At a Glance)

विवरण आवश्यक औपचारिकता
आवेदन फॉर्म प्रारूप-22टी (Form 22T)
अनिवार्य NOC बीमा कंपनी और अधिकृत डीलर से
प्रतिबंध केवल कंपनी द्वारा अधिकृत रंगों की ही अनुमति
क्षेत्र देहरादून, हरिद्वार, टिहरी और उत्तरकाशी
अंतिम चरण आरसी (RC) में नया रंग दर्ज कराना
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परिवहन विभाग का तर्क: इस कड़े नियम का मुख्य उद्देश्य वाहनों के जरिए होने वाले अपराधों को रोकना है। अक्सर अपराधी अपनी पहचान छिपाने के लिए वाहनों का रंग बदल देते हैं। इस प्रक्रिया से हर बदलाव का रिकॉर्ड विभाग के पास सुरक्षित रहेगा।