पिथौरागढ़ : चंडाक पाभैं मार्ग में बाइक सवार पर दिन के समय गुलदार ने घात लगाकर किया हमला, जाखनी गांव में भी फिर दिखा गुलदार
उत्तराखंड के इस शहर में गुलदार धमक से टेंशन बढ़ रही है। चंडाक पाभैं मार्ग में बाइक सवार पर दिन के समय ही एक गुलदार ने घात लगाकर हमला किया। दूसरी ओर, गुलदार की धमक की वजह से लोग मंदिर में दर्शन को भी नहीं जा पा रहे हैं।

इस दौरान बाइक सवार ने साहस का परिचय देकर बाइक तेजी से दौड़ा दी।
जिससे वह गुलदार के हमल में बाल-बाल बच गया। शनिवार को जिला मुख्यालय से सटे पौंण निवासी अर्जुन सिंह वल्दिया ह्रयूपानी में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे काम की देख – रेख करने को जा रहे थे। वे ठेकेदारी में बन रही इस योजना में देखरेख का काम करते हैं। पटौजी के बीच बाइक सवार पर अचानक 9 बजे के करीब पहले से झाड़ी के बीच छुपे गुलदार ने घात लगाकर हमला कर दिया।
वल्दिया ने कहा कि उन्होंने गुलदार के अचानक हमले के बाद भी हिम्मत नहीं हारी वे बाइक को दौड़ाते हुए वहां से आगे निकले। कहा कि गुलदार बाइक का पीछा नहीं कर सका। जिस कारण वे गुलदार के हमले के बावजूद सुरक्षित बच सके हैं। गुलदार के हमले में उनके दाएं पैर में निशान लगे हैं।
उन्होंने जिला अस्पताल आकर उपचार कराया। जहां से पट्टी करने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। पीड़ित ने बताया कि इसी जगह पर गुलदार शुक्रवार को भी एक महिला पर हमला किया था। वह महिला भी किसी तरह हमले में बच गई।
जाखनी गांव में फिर दिखा गुलदार
नगर से सटे जाखनी और उससे लगे क्षेत्र में दिन में ही फिर से गुलदार दिखाई दिया है। इससे गांव में दहशत है। इसी क्षेत्र में एक मासूम को मई माह में गुलदार ने घर से उठाकर मार डाला था। वन विभाग इसके बाद गुलदार को पकड़ नहीं सका है। इस कारण अब ग्रामीण गुलदार की दहशत से रात को तो दूर दिन में ही एक जगह से दूसरी जगह जाने से कतरा रहे हैं।
तहसील मुख्यालय से 7 किलोमीटर की दूर जाखनी के साथ उससे लगे चार से अधिक गांवों के लोग 2 माह से अधिक समय से गुलदार की दहशत में जी रहे हैं। जाखनी गांव गंगोलीहाट के बड़े गांवों में शामिल हैं। इस गांव में 24 मई को घर से उठाकर एक बच्चे को गुलदार ने मार डाला था। इससे पहले भी एक मासूम पर हमला कर उसे घायल कर दिया था।
500 से अधिक की आबादी की मुश्किल यहां शुक्रवार शाम फिर से गुलदार के दिखाई देने के बाद बढ़ गई है। शाम 4:30 बजे के गंगोलीहाट से जीप से प्रहलाद सिंह भंडारी अन्य यात्रियों के साथ घर जा रहे थे। तभी पैदल उतरकर आगे बढ़ते ही उन्हें एक गुलदार घात लगाए नजर आया। इसी गांव के कमल उप्रेती,भगवान सिंह, दान सिंह, जीवन सिंह, कुंदन सिंह के साथ होने से सभी ने किसी तरह शोर कर उसे भगाने की कोशिश की पर उन्होंने बताया कि वह फिर भी अपने जगह से नहीं हिला। ग्रामीण एक साथ झुंड बनाकर किसी तरह गांव पहुंचे।
मंदिर भी नहीं जा पा रहे हैं लोग
यहां जाखनी से सटे वैष्णवी देवी मंदिर में भी लोग गुलदार के भय के बाद नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है गांव के आसपास पांच से सात गुलदार अलग-अलग लोगों को दिखाई देते हैं। जिस गुलदार ने गांव के मासूम यश को विगत 24 मई को घर से उठाकर मारा था वह बहुत बड़ा है, वह आए दिन गांव में दिखता है और लोगों के हल्ला करने पर भी भागता नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से उक्त गुलदार को नरभक्षी घोषित कर गोली मारने की मांग डीएम से की है।
पचनई में दिन दहाड़े गुलदार दिखने से दहशत
चम्पावत। पचनई व लड़ाबोरा गांव में दिन दहाड़े गुलदार दिख रहा है। इस वजह से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने गुलदार के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। पचनई व लड़ाबोरा गांव में आए दिन दहाड़े गुलदार दिख रहा है। इस वजह से ग्रामीणों में डर है। गुलदार के आतंक की वजह से लोग शाम ढलते ही घरों में कैद हो जा रहे हैं। बीते शुक्रवार को भी ग्रामीणों को दिन में गुलदार दिखाई दिया।
स्थानीय निवासी दीपक बोहरा, रमेश भट्ट, अर्जुन सिंह, प्रताप सिंह, दिवान सिंह बिष्ट, शंकर दत्त, प्रकाश जोशी, मुनीम राम, महेंद्र बोहरा, गणेश भट्ट आदि ने बताया कि गुलदार पालतू जानवरों पर भी हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार चुका है। परेशान ग्रामीणों ने गुलदार के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। इधर रेंजर बृजमोहन टम्टा ने बताया कि गांवों के जंगल से लगे होने की वजह से गुलदार के आबादी की तरफ आने की संभावना है।
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