उत्तराखंड पंचायत चुनाव: जीते सदस्यों को नेपाल और रिजॉर्ट में रखने का आरोप, राजनीतिक सरगर्मी तेज

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हल्द्वानी: उत्तराखंड में 14 अगस्त को होने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख चुनावों से पहले राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है। अपने जीते हुए सदस्यों को दूसरे दलों के पाले में जाने से रोकने के लिए राजनीतिक दल उनकी निगरानी कर रहे हैं, और कई सदस्यों को तो कथित तौर पर नेपाल के पर्यटक स्थलों पर भेज दिया गया है।


 

नेपाल और रिजॉर्ट में रखे गए सदस्य?

 

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सूत्रों के अनुसार, पिथौरागढ़, चंपावत और नैनीताल के अधिकांश जीते हुए जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्यों को नेपाल के पर्यटक स्थलों में रखा गया है। अकेले ओखलकांडा ब्लॉक के करीब 18 क्षेत्र पंचायत सदस्यों की लोकेशन नेपाल में बताई जा रही है। वहीं, कुछ सदस्यों को नैनीताल और जिम कॉर्बेट पार्क के बड़े रिजॉर्ट में भी ठहराया गया है।


 

भाजपा और कांग्रेस के आरोप-प्रत्यारोप

 

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भाजपा के प्रदेश महामंत्री राजेंद्र सिंह बिष्ट ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी दूसरे दलों के प्रलोभनों से बचाने के लिए अपने जीते हुए सदस्यों को कैंपों में रख रही है, लेकिन उन्होंने नेपाल में सदस्यों को रखे जाने की पुष्ट जानकारी से इनकार किया।

वहीं, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सत्ताधारी दल पर निशाना साधते हुए कहा कि अधिकांश जिलों में जनादेश भाजपा के खिलाफ आया है। इसके बावजूद, भाजपा नेता सत्ता और धनबल का दुरुपयोग कर जीते हुए प्रत्याशियों को प्रलोभन दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य भर में जीते हुए सदस्यों को नेपाल समेत आसपास के होटलों में रखा गया है।

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