उत्तराखंड में खेल महाकुंभ की तैयारियां तेज: 1 सितंबर से शुरू होगी मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी; न्याय पंचायत से राज्य स्तर तक उतरेंगे खिलाड़ी

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देहरादून। उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं को तराशने, उन्हें उचित मंच प्रदान करने और ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से ‘खेल महाकुंभ मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी’ की तैयारियां तेज हो गई हैं। युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग द्वारा इस वृहद खेल आयोजन की विस्तृत कार्ययोजना जारी कर दी गई है। प्रदेश भर में दो महीने तक चलने वाला यह खेल महाकुंभ आगामी 1 सितंबर से शुरू होकर 30 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान न्याय पंचायत स्तर से लेकर विधानसभा, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तर तक विभिन्न आयु वर्गों, महिलाओं तथा दिव्यांगजनों के लिए खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा।
चार चरणों में होंगी प्रतियोगिताएं: पारंपारिक और आधुनिक खेलों का संगम
निदेशक युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल दीप्ति सिंह द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, आयोजन को चार मुख्य चरणों में बांटा गया है:
  • न्याय पंचायत स्तर (1 से 10 सितंबर): स्थानीय जनप्रतिनिधि खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। इसमें अंडर-14 व अंडर-19 बालक-बालिका वर्ग में कबड्डी, एथलेटिक्स, खो-खो और मुर्गा झपट जैसी स्पर्धाएं होंगी।
  • विधानसभा क्षेत्र स्तर (11 से 20 सितंबर): विधायक चैंपियनशिप ट्रॉफी के तहत वॉलीबॉल और पिट्टू के सीधे मुकाबले होंगे तथा न्याय पंचायत स्तर से चयनित खिलाड़ी भाग लेंगे।
  • संसदीय क्षेत्र स्तर (21 से 30 सितंबर): सांसद चैंपियनशिप ट्रॉफी के तहत मलखंब, रस्साकसी, गोली (कंचा), फुटबॉल और बैडमिंटन की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
  • राज्य स्तर (10 सितंबर से 30 अक्टूबर): राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी की मुख्य स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी।
दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को मिलेगा राष्ट्रीय स्तर का मंच: सीएम धामी
खेल महाकुंभ के आयोजन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश की छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना है। इस आयोजन के माध्यम से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को अपनी क्षमता दिखाने का एक बेहतर मंच मिलेगा, जिससे वे भविष्य में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रदेश का नाम रोशन कर सकेंगे।
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