रानीखेत अपहरण ड्रामा: लापता शिक्षिका का पति दिल्ली में मिला, दो पत्नियों से सच्चाई छिपाने को रची थी साजिश

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रानीखेत: नैनीताल जिले के रानीखेत में रहस्यमय तरीके से लापता हुए शिक्षिका के पति मनोज कुमार को पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दिल्ली से खोज निकाला है। जिस शख्स के अपहरण की आशंका में पुलिस खाक छान रही थी, उसने अपनी दो पत्नियों से एक बड़ा झूठ छिपाने के लिए यह फर्जी लापता होने का ड्रामा रचा था।

📉 लापता होने का ड्रामा

  • लापता: मनोज कुमार 8 दिसंबर को संदिग्ध हालात में लापता हुए थे। वह शहर के एक प्रतिष्ठित विद्यालय की शिक्षिका के पति हैं।

  • साजिश: मनोज ने अपनी शिक्षिका पत्नी से नैनीताल में साक्षात्कार का बहाना बनाकर घर छोड़ा।

  • स्कूटी गिराई: शाम को वह रानीखेत-खैरना स्टेट हाईवे पर पन्याली जंगल पहुँचे और अपनी स्कूटी को सड़क से नीचे गिरा दिया, यह जताने के लिए कि उनका शिकार गुलदार ने कर लिया होगा।

  • फरार: पूर्व नियोजित योजना के तहत, वह अपने दोस्तों के साथ कार में बैठकर दिल्ली चला गया और अपना मोबाइल बंद कर दिया।

  • मुकदमा: यहाँ पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करने के बाद बाद में अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया था।

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🔎 पुलिस की खोजबीन और गिरफ्तारी

  • जाँच: स्कूटी मिलने के बाद पुलिस और वन विभाग ने खाक छानी, लेकिन गुलदार के हमले का कोई साक्ष्य नहीं मिला। डॉग स्क्वायड बुलाया गया और सीसीटीवी खंगाले गए।

  • साक्षात्कार का झूठ: पुलिस जाँच में पता चला कि बैंक शाखाओं में कोई साक्षात्कार था ही नहीं, और मनोज नैनीताल गया ही नहीं था।

  • ट्रैकिंग और गिरफ्तारी: कप्तान देवेंद्र पींचा के निर्देश पर कोतवाल अशोक धनकड़ व एसएसआइ कमाल हसन की अगुआई में विभिन्न टीमें गठित की गईं। सर्विलांस की मदद से सुराग मिलने पर एसएसआइ कमाल हसन के नेतृत्व में टीम दिल्ली पहुँची।

  • ठिकाना: मनोज बार-बार कमरे बदल रहा था, लेकिन वह दक्षिण दिल्ली के बिजवासन स्थित एक कमरे में मिल गया।

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💔 दो पत्नियों का सच

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मनोज कुमार के तनाव का कारण यह था कि:

  • पहली शादी: उन्होंने जनवरी 2019 में स्वजनों को बताए बिना एक मुस्लिम युवती से प्रेम विवाह किया था।

  • दूसरी शादी: इस बात से अनजान माता-पिता ने अगले ही महीने फरवरी 2019 में उनका पूर्ण रीतिरिवाज से एक शिक्षिका से विवाह कर दिया।

  • स्थिति: दोनों पत्नियों से उन्हें एक-एक बच्चा भी है, और मनोज पहली पत्नी की जिम्मेदारी से परेशान थे।

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कोतवाल अशोक धनकड़ ने बताया कि मनोज को बीते रोज़ गुड़गांव रोड, समालका, दक्षिण पश्चिम दिल्ली निवासी स्वजन के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार, वह दोनों पत्नियों को अपनाएगा या किसी एक को चुनेगा, यह फैसला अब स्वजन मिलकर करेंगे

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