3 युद्धों के नायक सेवानिवृत्त सूबेदार हिम्मत सिंह बिष्ट का निधन: सैन्य सम्मान के साथ रानीबाग चित्रशिला घाट पर हुआ अंतिम संस्कार, क्षेत्र में शोक की लहर

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लालकुआं। देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए 1962 के भारत-चीन युद्ध तथा 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देने वाले सेवानिवृत्त सूबेदार हिम्मत सिंह बिष्ट का रविवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। पिथौरागढ़ जनपद की गंगोलीहाट तहसील के शेराघाट में 12 दिसंबर 1938 को जन्मे हिम्मत सिंह बिष्ट वर्ष 1958 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और अपने 28 वर्षों के गौरवशाली सैन्य जीवन के बाद 1986 में सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनका परिवार हल्दूचौड़ के ग्राम जग्गी में निवास करता है और उनके ज्येष्ठ पुत्र राजेंद्र सिंह बिष्ट नैनीताल दुग्ध संघ के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। शाम को रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।

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सूबेदार हिम्मत सिंह बिष्ट का जीवन राष्ट्रसेवा, अनुशासन और समर्पण की एक प्रेरणादायक मिसाल रहा, जिनके निधन से क्षेत्र ने एक महान वीर सपूत को खो दिया है। उनके निधन पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. मोहन बिष्ट, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, पूर्व विधायक नवीन दुम्का, नैनीताल दुग्ध संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा और नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह लोटनी समेत तमाम जनप्रतिनिधियों, पूर्व सैनिकों व सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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