मानसून के बाद गड्ढा मुक्त होंगी उत्तराखंड की सड़कें: PWD ने तैयार किया प्लान, 15 अक्टूबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य

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देहरादून। उत्तराखंड में मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को सुचारू और गड्ढा मुक्त बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद विभाग ने प्रदेशभर की सड़कों का आकलन कर एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। PWD सचिव पंकज कुमार पांडे ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार 15 अक्टूबर तक प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सभी डिवीजनों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
31 अगस्त तक पूरी होंगी टेंडर प्रक्रियाएं, 15 सितंबर से धरातल पर शुरू होगा काम
विभाग के अनुसार, सड़क मरम्मत से जुड़ी प्रोक्योरमेंट और टेंडर संबंधी सभी प्रशासनिक तैयारियां 31 अगस्त तक पूरी कर ली जाएंगी। PWD सचिव ने बताया कि 15 सितंबर तक बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना है। ऐसे में बारिश रुकते ही बिना किसी विलंब के काम शुरू कर दिया जाएगा। 31 अगस्त के बाद सामने आने वाले नए गड्ढों के लिए सितंबर माह में कागजी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि 15 अक्टूबर की समयसीमा से पहले ही अधिक से अधिक सड़कों की मरम्मत का कार्य संपन्न कर लिया जाए।
बढ़े डामर के दाम बनी चुनौती, नई बिड में बाज़ार दरों का रखा जा रहा ख्याल
सड़क मरम्मत अभियान के बीच निर्माण सामग्री की बढ़ी हुई कीमतें विभाग के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। PWD सचिव ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों (ईरान युद्ध) के चलते कोलतार (डामर) की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, अब बाजार में इसकी सप्लाई और उपलब्धता में सुधार आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 1 मार्च के बाद जारी नई बिड में डामर की वर्तमान बाजार दरों को ही शामिल किया जा रहा है, ताकि बजट और सामग्री की उपलब्धता को लेकर काम में कोई रुकावट न आए।
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