
राजू अनेजा,रुद्रपुर।जिस हमले को राजनीतिक प्रतिशोध और कानून-व्यवस्था का गंभीर मामला बताया जा रहा था, वही अब एक सोची-समझी साजिश निकलकर सामने आया है। किच्छा से कांग्रेस विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री तिलक राज बेहड़ के पुत्र सौरभ पर हुए कथित हमले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि यह हमला किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि सौरभ ने खुद अपने करीबी दोस्तों के जरिए करवाया था।
पुलिस के मुताबिक पारिवारिक तनाव, पत्नी से विवाद, बाजार में लेन–देन से जुड़ी उलझनें और सबसे अहम — राजनीतिक और सामाजिक सुर्खियों में आने की मंशा — इस फर्जी हमले की मुख्य वजहें रहीं। साजिश को इस तरह रचा गया कि मामला सीधे राजनीतिक रंग ले ले और सहानुभूति बटोरी जा सके।
गहन जांच के बाद पुलिस ने सौरभ के बेहद करीबी दोस्त इन्द्र समेत उसके तीन अन्य दोस्तों को साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में हमले की पूरी योजना, कॉल डिटेल्स और घटनाक्रम की परत-दर-परत कहानी सामने आई है।
इस खुलासे के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। जिस घटना को लेकर सड़कों से लेकर मंचों तक आक्रोश था, वही अब सवालों के घेरे में है। राजनीतिक गलियारों में भी इस मामले को लेकर खलबली मची हुई है और कांग्रेस संगठन बैकफुट पर नजर आ रहा है।
उधर, पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद विधायक तिलक राज बेहड़ अपने पुत्र सौरभ को अस्पताल से घर लेकर चले गए। कभी जिन बयानों में पुलिस को चेतावनी दी जा रही थी, वही आवाजें अब खामोश हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच पूरी कर ली गई है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आज दोपहर बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का औपचारिक खुलासा करेगी।
यह मामला न सिर्फ एक कथित हमले की सच्चाई उजागर करता है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करता है कि क्या राजनीतिक साख और सहानुभूति पाने के लिए इस हद तक जाया जा सकता है कि पिता की वर्षों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगा दी जाए।
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