स्वास्थ्य से खिलवाड़ पर सख्त रुख: बनभूलपुरा में महिला की मौत के बाद एक्शन में प्रशासन, बिना मान्यता चल रहे तीन क्लीनिक सील
हल्द्वानी। नैनीताल जिले के हल्द्वानी अंतर्गत बनभूलपुरा क्षेत्र में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध रूप से संचालित हो रहे मेडिकल क्लीनिकों के खिलाफ बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। मंगलवार (6 अक्टूबर 2026) को प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने बनभूलपुरा इलाके में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान आवश्यक पंजीकरण और वैध लाइसेंस से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने पर तीन गैर-कानूनी क्लीनिकों को मौके पर ही सील कर दिया गया।
गर्दन दर्द के इलाज के दौरान गई थी महिला की जान; फर्जी डॉक्टरों पर उठा सवाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बनभूलपुरा क्षेत्र में हाल ही में एक महिला अपनी गर्दन के दर्द का इलाज कराने के लिए स्थानीय क्लीनिक गई थी, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद इलाके में बिना आवश्यक मेडिकल डिग्री, फर्जी दस्तावेजों और बिना पंजीकरण के चल रहे क्लीनिकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। मामले का संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने क्षेत्र के ऐसे सभी क्लीनिकों की गहन जांच शुरू की, जहां स्वास्थ्य मानकों का उल्लंघन कर मरीजों की जान से खिलवाड़ किए जाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम की अगुवाई में छापेमारी; सील किए गए तीन क्लीनिक
मंगलवार को जन-शिकायतों के आधार पर गठित संयुक्त टीम अचानक बनभूलपुरा पहुंची। छापेमारी के दौरान टीम ने कई क्लीनिकों का निरीक्षण किया और उनके संचालकों से उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग का पंजीकरण, मेडिकल लाइसेंस और संचालन से संबंधित वैध दस्तावेज दिखाने को कहा। हालांकि, तीन क्लीनिकों के संचालक मौके पर कोई भी आवश्यक कागजात प्रस्तुत करने में पूरी तरह नाकाम रहे, जिसके बाद टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों क्लीनिकों को सील कर दिया। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी, एसडीएम मोनिका आर्या, एसीएमओ डॉ. रजत भट्ट सहित बनभूलपुरा कोतवाली पुलिस और स्वास्थ्य विभाग का दल मौजूद रहा।
स्वास्थ्य मानकों से समझौता बर्दाश्त नहीं; जारी रहेगी प्रशासनिक कार्रवाई
कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, “बनभूलपुरा क्षेत्र में बिना आवश्यक दस्तावेजों और अनुमति के अवैध रूप से क्लीनिक संचालित किए जाने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। संयुक्त टीम द्वारा की गई जांच में दस्तावेज उपलब्ध न कराने पर तीन क्लीनिकों को सील कर दिया गया है। आम जनता के स्वास्थ्य और जीवन से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाले प्रत्येक संस्थान के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी यह अभियान जारी रहेगा और मानकों के विपरीत चल रहे अन्य फर्जी क्लीनिकों पर भी गाज गिर सकती है।

