बच्चों के लिए प्रतिबंधित कफ सिरप पर उत्तराखंड में सख्ती: कई दवाएं जब्त, जाँच के लिए भेजे गए सैंपल

खबर शेयर करें -

केंद्र सरकार की गाइडलाइन के बाद, उत्तराखंड में बच्चों को दी जाने वाली प्रतिबंधित कफ सिरप को लेकर सरकार गंभीर हो गई है। खाद्य संरक्षा व औषधि प्रशासन (FDA) विभाग की टीमें प्रदेशभर में सघन छापेमारी और औचक निरीक्षण अभियान चला रही हैं। इसी कड़ी में, देहरादून क्षेत्र में औषधि विभाग ने कई मेडिकल स्टोर्स और शिशु रोग अस्पतालों के मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया।


 

देहरादून में पीडियाट्रिक कफ सिरप सीज और सैंपल एकत्र

 

एफडीए आयुक्त आर. राजेश कुमार के निर्देश पर यह सघन अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों की सेहत के साथ कोई खिलवाड़ न हो और केवल अनुमोदित दवाएँ ही बेची जाएँ।

  • जब्ती की कार्रवाई: अपर आयुक्त एफडीए व ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कई मेडिकल स्टोरों में Dextromethorphan Hydrobromide, Chlorpheniramine Maleate और Phenylephrine Hydrochloride युक्त पीडियाट्रिक कफ सिरप का भंडारण पाया गया। इन औषधियों को नियमानुसार सीज (जब्त) कर लिया गया है।
  • नमूना संग्रह: विभाग ने कुल 6 पीडियाट्रिक कफ सिरप के सैंपल फॉर्म 17 में परीक्षण के लिए एकत्रित किए हैं। इन नमूनों को राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जाएगा, जहाँ इनकी गुणवत्ता और वैधता का परीक्षण किया जाएगा।
  • अन्य सिरप की अनुपलब्धता: निरीक्षण में यह भी पाया गया कि किसी भी मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित Coldrif, Respifresh TR, Relife कफ सिरप उपलब्ध नहीं थी।
यह भी पढ़ें 👉  सत्ता के दबाव और हिंसा से नहीं दबेगी जनता की आवाज, बेहड़ के साथ चट्टान की तरह खड़ा है कांग्रेस कार्यकर्ता -अलका पाल

 

सरकार और विभाग की चेतावनी

 

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने सभी औषधि विक्रेताओं को चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्टोर पर बिना अनुमति या प्रतिबंधित औषधियाँ पाई जाती हैं, तो उनके खिलाफ खाद्य, औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम 1940 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें 👉  मानिला राजकीय महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की अधिसूचना जारी: 29 सितंबर को होगा मतदान, परिसर में धारा 144 लागू

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार की प्राथमिकता प्रदेशवासियों को सुरक्षित और प्रमाणित औषधियाँ उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निरीक्षण व सैंपलिंग प्रक्रिया को और तेज करने का निर्देश दिया है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस अभियान को जन स्वास्थ्य की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक कदम बताया और कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

आम जनता से अपील

 

यह भी पढ़ें 👉  एमबीपीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव बना उपद्रव का अखाड़ा: जगदंबा नगर में जमकर चले लाठी-डंडे और पत्थर, 5 घायल, कई दुकानों में तोड़फोड़

जन स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध या बिना लेबल औषधि की जानकारी निकटतम औषधि निरीक्षक या विभागीय हेल्पलाइन को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।

बता दें कि मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप पीने से कई बच्चों की जानें जा चुकी हैं, जिसके बाद केंद्र सरकार ने Dextromethorphan और Chlorpheniramine Maleate + Phenylephrine Hydrochloride युक्त कफ सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी है।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad