
नैनीताल। उत्तराखंड में युवाओं की आवाज को बुलंद करने और राज्य के शैक्षणिक स्तर में गुणात्मक सुधार लाने के उद्देश्य से नैनीताल क्लब में ‘छात्र संवाद – शिक्षा क्रांति का शंखनाद’ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य के वर्तमान शिक्षा ढांचे में व्याप्त विसंगतियों पर गंभीर मंथन करना, छात्र-छात्राओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा राज्य में पारदर्शी व उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण तैयार करने हेतु ठोस रूपरेखा बनाना था।
कार्यक्रम में लालकुआं विधानसभा क्षेत्र से वरिष्ठ कांग्रेस नेता हेमवती नंदन दुर्गापाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम में उमड़े युवाओं के भारी हुजूम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि युवा ही किसी भी प्रगतिशील समाज और राज्य के भविष्य की असली रीढ़ होते हैं।
वरिष्ठ नेता दुर्गापाल के संबोधन के मुख्य बिंदु:
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शिक्षा ढांचे में सुधार की मांग: राज्य के सरकारी और अर्ध-सरकारी शिक्षण संस्थानों की स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि पर्वतीय व दूरदराज के क्षेत्रों में आज भी शिक्षकों व बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है। इसमें तत्काल नीतिगत बदलाव की आवश्यकता है।
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अधिकारों के प्रति जागरूकता: उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि अपने लोकतांत्रिक और शैक्षणिक अधिकारों के लिए युवाओं को मुखर और एकजुट होना पड़ेगा।
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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार: उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के हर बच्चे को, चाहे वह अमीर हो या गरीब, समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना उसका संवैधानिक अधिकार है।
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भर्ती घोटालों व बेरोजगारी पर प्रहार: शिक्षा व्यवस्था की कमियों और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर हमला बोलते हुए दुर्गापाल ने कहा कि युवाओं को उनका हक दिलाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
युवाओं ने लिया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और युवाओं ने भी अपने विचार साझा किए तथा राज्य की शिक्षा नीति को अधिक छात्र-हितैषी बनाने की मांग उठाई। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं ने शिक्षा के स्तर को सुधारने और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया।
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