ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के बेरीपड़ाव परिसर में गरबा फेस्ट की धूम; डांडिया और पारंपरिक संगीत की धुनों पर थिरके विद्यार्थी

लालकुआं। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी, हल्द्वानी के बेरीपड़ाव परिसर में गरबा फेस्ट का भव्य और रंगारंग आयोजन किया गया। पारंपरिक संगीत, गरबा और डांडिया की मनमोहक धुनों के बीच आयोजित इस सांस्कृतिक उत्सव में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और पूरे परिसर को रंग, उमंग तथा उल्लास से सराबोर कर दिया। इस दौरान भारतीय संस्कृति, आस्था और समृद्ध लोक परंपराओं की बेहद सुंदर झलक देखने को मिली।
ढोल की थाप और डांडिया की खनक से गूंजा परिसर
ढोल की थाप और डांडिया की खनक के बीच छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से गरबा और डांडिया नृत्य प्रस्तुत कर उत्सव का भरपूर आनंद उठाया। पारंपरिक गुजराती एवं भक्तिमयी धुनों पर थिरकते विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे युवाओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम की रौनक को दोगुना कर दिया। पूरे परिसर में संगीत, नृत्य और उल्लास का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने हर किसी को नवरात्रि के भक्तिमय माहौल में सराबोर कर दिया।
खान-पान और गतिविधियों के स्टॉलों ने बढ़ाई रौनक
कार्यक्रम को और अधिक आकर्षक और मनोरंजक बनाने के लिए परिसर में विभिन्न प्रकार के विशेष स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टॉलों पर विद्यार्थियों और शिक्षकों ने स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाया तथा विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। गरबा और डांडिया के साथ-साथ खान-पान और आपसी मेल-मिलाप ने इस पूरे आयोजन को बेहद खास और यादगार बना दिया।
सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने और एकजुटता का दिया संदेश
इस आयोजन ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और पारंपरिक लोकनृत्यों से गहराई से जुड़ने का अवसर प्रदान करने के साथ-साथ आपसी सौहार्द, एकता और सामूहिक सहभागिता का सुंदर संदेश भी दिया। उत्साह और उमंग से भरा यह भव्य कार्यक्रम विद्यार्थियों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरते हुए और सुंदर यादें संजोते हुए सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस आयोजन ने एक बार फिर विश्वविद्यालय की जीवंत, सांस्कृतिक और समावेशी परंपरा को उजागर किया है।

