चार साल बाद विदेश से लौटे पिता ने अपने ही बेटे को दिया कांधा, सपनों के साथ बुझ गया घर का चिराग

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राजू अनेजा,सितारगंज। चार साल बाद विदेश से घर लौटे पिता को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि वह अपने बेटे को गले लगाने नहीं, बल्कि उसे कंधा देने आएगा। विदेश जाने का सपना संजोए कक्षा 11 के छात्र नवजोत सिंह की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत के बाद ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने हर आंख नम कर दी।
गांव नवदिया हरैया (अमरिया), जिला पीलीभीत निवासी 18 वर्षीय नवजोत सिंह पुत्र जसवंत सिंह शनिवार सुबह बाइक से सितारगंज आईलेट्स कोचिंग जा रहा था। गुरु का ताल आगरा गुरुद्वारा के पास ईंटों से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से नवजोत सड़क पर गिर पड़ा और ट्रॉली के नीचे आ गया। पहिया सिर के ऊपर से गुजरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
नवजोत के पिता जसवंत सिंह चार साल से विदेश में नौकरी कर रहे थे और कुछ दिन पहले ही घर लौटे थे। बेटे के बेहतर भविष्य और विदेश भेजने की तैयारी को लेकर परिवार में उम्मीदें थीं, लेकिन एक हादसे ने सब कुछ छीन लिया। जब पिता ने अपने ही बेटे की अर्थी को कंधा दिया तो मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। मां बदहवास होकर बार-बार बेसुध हो जा रही थीं, वहीं बड़े भाई का रो-रोकर बुरा हाल था।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। अंतिम संस्कार के दौरान पूरे गांव में शोक की लहर रही। उधर, हादसे के बाद फरार ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक की तलाश पुलिस कर रही है।

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