ऊधमसिंह नगर में दशहरे की खुशियां मातम में बदलीं; 24 घंटे के भीतर अलग-अलग हादसों में 11 लोगों की दर्दनाक मौत
ऊधमसिंह नगर। उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में विजयादशमी (दशहरा) का पर्व कई परिवारों के लिए जिंदगी भर का कभी न भूलने वाला गम दे गया। किच्छा, रुद्रपुर, गदरपुर, दिनेशपुर और आसपास के क्षेत्रों में हुई विभिन्न दुर्घटनाओं में 24 घंटे के भीतर कुल 11 लोगों की जान चली गई। इनमें सड़क हादसों के अलावा अन्य आकस्मिक मौतें भी शामिल हैं। त्योहार के दिन एक साथ इतने शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने से पूरे जिले में कोहराम मच गया और सनसनी फैल गई।
एक तरफ उल्लास, दूसरी तरफ त्योहार पर टूटा दुखों का पहाड़
जिले में एक तरफ जहां लोग धूमधाम से रावण दहन और दशहरा मेला देख रहे थे, वहीं दूसरी तरफ सड़क हादसों ने कई घरों के चिराग बुझा दिए। एसएसपी अजय गणपति के अनुसार, इनमें से 6 मामले सीधे तौर पर सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े हैं, जबकि भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजेश शुक्ला ने पोस्टमार्टम हाउस में 11 में से 9 मौतें सड़क हादसों में होने की बात कही है।
तमाम चेतावनियों के बावजूद बेपरवाह रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी इन मौतों की मुख्य वजह बनी। त्योहार की खुशियां मातम में बदलने के बाद अब पुलिस प्रशासन और जनप्रतिनिधि भी गंभीर चिंता जता रहे हैं।
दर्दनाक हादसों का ब्योरा:
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मेला देखकर लौट रही महिला की मौत: रुद्रपुर की मॉडल कॉलोनी निवासी बलजीत सिंह अपनी पत्नी 44 वर्षीय गुरमीत कौर और बेटे के साथ दशहरा मेला देखकर लौट रहे थे। गावा चौक पर रेलवे फ्लाईओवर से उतर रहे एक तेज रफ्तार बाइक सवार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे गुरमीत कौर की मौत हो गई। मूल रूप से पंजाब के मोगा का यह परिवार इस हादसे के बाद पूरी तरह उजड़ गया।
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डिवाइडर से टकराई बाइक, दो युवकों की मौत: शिमला पिस्तौर क्षेत्र में दिनेशपुर के मोतीपुर निवासी 18 वर्षीय सुजल और 25 वर्षीय समीर मंडल की बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई, जिससे दोनों युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
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खड़े ट्रक से बचने में गई जान: बहेड़ी (यूपी) जा रहे पाश्तौर निवासी 32 वर्षीय लालता प्रसाद की सड़क किनारे खड़े खराब ट्रक से बचने के प्रयास में पीछे से आ रहे दूसरे ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई, जबकि उनका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया।
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मेला देखने गए युवक को रौंदा: ट्रांजिट कैंप निवासी 28 वर्षीय दिशांत सरकार दिनेशपुर के हरिदासपुर में दुर्गा पूजा का मेला देखने गए थे, जहां रात करीब 10 बजे अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनकी जान चली गई।
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नवजात के लिए खाना ले जा रहे युवक की सड़क हादसे में मौत: गदरपुर में 28 वर्षीय रघुवीर के घर हाल ही में बेटे का जन्म हुआ था। वह सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती परिवार की महिला के लिए खाना लेकर जा रहे थे, तभी गदरपुर में अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे उनकी भी मौत हो गई।
अन्य आकस्मिक घटनाएं
सड़क हादसों के अलावा जिले में अन्य कारणों से भी मौतें हुईं। शांतिपुरी में 55 वर्षीय नरी राम ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ गटक लिया, जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं, ट्रांजिट कैंप में हुंडई शोरूम में पेंटिंग का काम कर रहे 52 वर्षीय श्याम सुंदर की छत से नीचे गिरने से जान चली गई। इसके अलावा बाजपुर में 61 वर्षीय राजपाल शरण और खटीमा के कंजाबाग निवासी 32 वर्षीय नवीस का शव मिलने की घटनाओं से क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
पुलिस प्रशासन सख्त, 15 दिन का विशेष अभियान शुरू
जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और मौतों को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी अजय गणपति ने एसपी क्राइम और ट्रैफिक को सभी थानाध्यक्षों के साथ बैठक कर अगले 15 दिनों तक विशेष अभियान चलाने के कड़े निर्देश दिए हैं। अभियान के तहत बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों, ओवरस्पीडिंग, ट्रिपल राइडिंग, शराब पीकर गाड़ी चलाने और काले शीशे वाले वाहनों पर शिकंजा कसा जाएगा। साथ ही, कोहरे के मौसम को देखते हुए वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगवाने और भारी वाहनों व ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के आवागमन के समय को विनियमित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उधर, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजेश शुक्ला ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर मृतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रतिबंधित समय में शहर के भीतर भारी वाहनों का प्रवेश कैसे हुआ, इसकी जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता दिलाने की मांग भी की है।
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