बिन्दुखत्ता को राजस्व गांव बनाने का मुद्दा अब जिला स्तरीय कमेटी के पाले में, शासन ने दिए निर्णय लेने के निर्देश

खबर शेयर करें -

लालकुआं: राज्य के टोंगिया गांवों, खत्तों के साथ-साथ बिन्दुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित किए जाने के संबंध में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। मुख्य सचिव आनंद वर्धन की अध्यक्षता में शासन स्तर पर आयोजित बैठक में यह तय किया गया है कि बिन्दुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने का निर्णय अब जिला स्तरीय कमेटी द्वारा लिया जाएगा।


 

🏛️ मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक

 

  • आयोजन: गत शनिवार को देहरादून में मुख्य सचिव आनंद वर्धन की अध्यक्षता में बैठक हुई।
  • उपस्थिति: बैठक में सचिव स्तर के अधिकारी, प्रमुख वन संरक्षक, राजस्व एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारी, नीति आयोग के प्रतिनिधि, तथा नैनीताल जिले के जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी समेत अन्य संबद्ध विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
  • निर्णय: तमाम बिंदुओं पर गहन अध्ययन करने के बाद, मुख्य सचिव ने नैनीताल के जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि:

    “वन अधिकार अधिनियम 2005 और भारत सरकार के जनजातीय मंत्रालय के 08 नवंबर 2013 के आदेशों तथा फॉरेस्ट राइट एक्ट की गाइडलाइन के अनुसार, जिला स्तरीय समिति निर्णय लेने में सक्षम है।”

 

यह भी पढ़ें 👉  सत्ता के दबाव और हिंसा से नहीं दबेगी जनता की आवाज, बेहड़ के साथ चट्टान की तरह खड़ा है कांग्रेस कार्यकर्ता -अलका पाल

📈 बिन्दुखत्ता के लोगों को मिली नई उम्मीद

 

इस निर्णय के बाद, बिन्दुखत्ता को राजस्व गांव घोषित किए जाने के लिए अब जिला स्तरीय कमेटी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करेगी और निर्णय लेगी। लंबे समय से इस मांग को लेकर संघर्ष कर रहे बिन्दुखत्ता के लोगों की उम्मीदों को इस निर्णय से एक बार फिर बल मिला है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में 2027 चुनाव से पहले बीजेपी का बड़ा फेरबदल: विवादों के बीच दुष्यंत गौतम की छुट्टी, राम माधव बने नए प्रदेश प्रभारी
Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

यह भी पढ़ें 👉  किच्छा प्रकरण पर पंजाबी समाज में उबाल, तिलकराज बेहड़ के समर्थन में एकजुट हुई उत्तरांचल पंजाबी महासभा

👉 हमारे फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 हमारे टेलीग्राम चैनल से जुड़ें