
राजू अनेजा,काशीपुर। शहर को साफ-सुथरा और सुंदर बनाने की मुहिम को अब केवल नगर निगम की जिम्मेदारी तक सीमित रखने के बजाय जनभागीदारी से जोड़ने की कवायद तेज हो गई है। इसी उद्देश्य से महापौर दीपक बाली ने वार्ड नंबर एक स्थित गिरीताल बायपास रोड पर दूसरी स्वच्छता चौपाल लगाकर जनता से सीधा संवाद किया। चौपाल में बाली ने सफाई व्यवस्था को लेकर दो टूक कहा कि नगर निगम अकेले पूरे शहर को स्वच्छ नहीं बना सकता, काशीपुर को चमकाना है तो जनता को भी आगे आना होगा।
बाली की चौपाल में साफ संदेश—सफाई सिर्फ निगम की नहीं, हर नागरिक की जिम्मेदारी
महापौर ने कहा कि घर का कचरा सड़क, नाली अथवा खाली प्लॉट में फेंकना बंद करना होगा। कूड़ा नगर निगम की कूड़ा गाड़ी को ही सौंपा जाए। उन्होंने कहा कि घर के अंदर सफाई रखने के साथ घर के बाहर सड़क, नाली, पार्क और आसपास के सार्वजनिक स्थानों को भी नागरिक अपना समझेंगे, तभी काशीपुर वास्तव में स्वच्छ और सुंदर बन सकेगा।
उन्होंने कहा कि नगर निगम के अधिकारी और पर्यावरण मित्र लगातार मेहनत कर रहे हैं, लेकिन शहर को स्थायी रूप से स्वच्छ रखने के लिए नागरिकों की भागीदारी सबसे जरूरी है।
‘सोशल मीडिया पर जवाब नहीं, जनता के बीच काम का हिसाब’
महापौर ने सफाई व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर चलने वाली चर्चाओं पर भी दो टूक अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि नगर निगम की ओर से लगातार स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है और अधिकारी तथा पर्यावरण मित्र दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।
बाली ने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार करने में लगे हैं, लेकिन वह सोशल मीडिया पर जवाब देने में विश्वास नहीं रखते। उनका जवाब जनता के बीच, जमीन पर दिखाई देने वाला काम होगा।
हाल की बारिश का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान कई जगह पानी भरा, लेकिन सफाई व्यवस्था के कारण पानी अपेक्षाकृत तेजी से निकल गया। उन्होंने इसका श्रेय नगर निगम के सफाईकर्मियों और पर्यावरण मित्रों की मेहनत को दिया।
602 करोड़ की ड्रेनेज योजना से बदलेगी जल निकासी की तस्वीर
महापौर ने काशीपुर की जल निकासी व्यवस्था को लेकर बड़ी जानकारी साझा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सहयोग से शहर के लिए करीब 602 करोड़ रुपये की ड्रेनेज योजना तैयार की गई है।
उन्होंने बताया कि योजना के प्रथम चरण में रामनगर रोड से मुरादाबाद रोड तक का क्षेत्र शामिल किया गया है। करीब 220 करोड़ रुपये के प्रथम चरण के काम का टेंडर अपलोड किया जा चुका है और 10 सितंबर को इसे खोला जाना है। महापौर के अनुसार इसी वर्ष अक्टूबर से काम शुरू होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि काशीपुर की आबादी पिछले वर्षों में तेजी से बढ़ी है, जबकि पुराने समय की नालियां और नाले उसी क्षमता के साथ हैं। ऐसे में बड़े स्तर की ड्रेनेज योजना के बिना जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं था।
नाले चौड़े होंगे, पक्के होंगे—जलभराव से राहत की तैयारी
बाली ने बताया कि ड्रेनेज योजना के तहत नालों और नालियों को चौड़ा करने, बड़े नालों को पक्का करने तथा जरूरत वाले स्थानों पर स्लैब डालने जैसे काम किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि यह योजना केवल बारिश के पानी की निकासी का समाधान नहीं होगी, बल्कि आने वाले वर्षों में बढ़ती आबादी और शहर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।
कचरा अलग करो, ‘स्वच्छ परिवार प्रमाण पत्र’ लो और हाउस टैक्स में 10% बचाओ
स्वच्छता चौपाल में महापौर ने जनता को स्वच्छता से जोड़ने के लिए प्रोत्साहन योजना की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि जो परिवार गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करके नगर निगम की कूड़ा गाड़ी को देंगे, उन्हें ‘स्वच्छ परिवार प्रमाण पत्र’ दिया जाएगा।
इतना ही नहीं, जो परिवार एक महीने में तीन स्वच्छ परिवार प्रमाण पत्र प्राप्त करेंगे, उन्हें हाउस टैक्स में 10 प्रतिशत की रियायत दी जाएगी।
यानी अब स्वच्छता सिर्फ जिम्मेदारी नहीं बल्कि परिवारों के लिए प्रोत्साहन का माध्यम भी बनेगी।
हर घर पहुंचेंगे दो डस्टबिन—वार्ड नंबर एक से अभियान शुरू
महापौर ने बताया कि नगर निगम की ओर से प्रत्येक घर को दो डस्टबिन निःशुल्क दिए जा रहे हैं, ताकि लोग गीले और सूखे कचरे को घर से ही अलग रखना शुरू करें।
इस अभियान की शुरुआत वार्ड नंबर एक से की गई है और करीब साढ़े तीन महीने में घर-घर तक डस्टबिन पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
प्लास्टिक और खतरनाक कचरे का अलग निस्तारण—चौपाल में खेल-खेल में सीख
चौपाल में लोगों को कचरा पृथक्करण की जानकारी केवल भाषणों के जरिए नहीं, बल्कि मनोरंजक खेल और गतिविधियों के माध्यम से भी दी गई। लोगों से अलग-अलग प्रकार के कचरे को सही डस्टबिन में डालने और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सवाल पूछे गए।
कार्यक्रम में प्लास्टिक, जैविक कचरे, रासायनिक एवं खतरनाक कचरे तथा रिसाइकिल होने वाली वस्तुओं के अलग-अलग निस्तारण की जानकारी भी दी गई।
‘सफाई मित्रों का सम्मान करें’—धूप हो या बारिश, शहर की सफाई में जुटे कर्मचारी
महापौर ने सफाई कर्मचारियों और पर्यावरण मित्रों के प्रति सम्मान का भाव रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सफाई मित्र धूप, बारिश और खराब मौसम के बावजूद शहर को साफ रखने में जुटे रहते हैं।
बाली ने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने घर के सामने की सफाई की जिम्मेदारी भी स्वयं उठा ले तो नगर निगम की मेहनत कई गुना प्रभावी हो सकती है।
मनोज पाल ने बाली की पहल को सराहा—पूरे जिले में शुरू कराने का प्रयास करेंगे
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज पाल ने महापौर दीपक बाली की स्वच्छता चौपाल की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह अनूठी पहल है और वह पूरे जिले में जनप्रतिनिधियों को भी इसी तरह के प्रयास शुरू करने के लिए प्रेरित करेंगे।
उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के काशीपुर के विकास में सहयोग की सराहना करते हुए नागरिकों से अपील की कि वे शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में महापौर दीपक बाली के प्रयासों में सहयोग करें।
बाली बोले—साढ़े तीन साल बाकी, लेकिन स्वच्छता अभियान कार्यकाल से आगे जाएगा
महापौर ने कहा कि उनका कार्यकाल अभी करीब साढ़े तीन वर्ष और शेष है, लेकिन स्वच्छता की मुहिम केवल उनके कार्यकाल तक सीमित नहीं रहेगी। उनका उद्देश्य ऐसी व्यवस्था और जनभागीदारी तैयार करना है, जो आने वाले समय में भी काशीपुर को स्वच्छ रखने में मदद करे।
उन्होंने कहा कि काशीपुर को काशी की तरह सजाने और स्वच्छ-सुंदर बनाने का सपना तभी पूरा होगा, जब नगर निगम और जनता साथ-साथ चलेंगे।
चौपाल में सुनी जनता की समस्याएं, लोगों ने बताया शानदार प्रयास
स्वच्छता चौपाल में पहुंचे नागरिकों ने महापौर के साथ सीधे संवाद किया और सफाई तथा क्षेत्र से जुड़ी समस्याएं रखीं। महापौर ने लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों के समक्ष आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देश दिए।
चौपाल में मौजूद महिलाओं और पुरुषों ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए कहा कि सफाई को लेकर जनता से सीधा संवाद करने की यह पहल शहर के लिए बेहतर संदेश है।
कार्यक्रम में सहायक नगर आयुक्त शालिनी नेगी, भाजपा नेता ईश्वर चंद्र गुप्ता, मोहन बिष्ट, सैनिक कल्याण समिति अध्यक्ष प्रदीप पाठक, पार्षद बीना नेगी, पूर्णिमा पाठक, सुमित्रा देवी, रजनी, धनशीला, दीपा जोशी, शंकर सिंह नेगी, कायस्थ सभा अध्यक्ष अमिताभ सक्सेना एडवोकेट, खश्टी नेगी, राजदीपिका, मधुर, सुरेंद्र मधुर, मदन सिंह बिष्ट, ललित नेगी, पुरनचंद जोशी, जसवीर सिंह सैनी, अंतरप्रीत सिंह चीमा, भुवन चंद, प्रियंका अग्रवाल, अनुराधा त्रिपाठी, भाव्य पांडे, सुशांत, नवीन चौधरी, समरपाल सिंह सहित सफाई नायक राजेश और क्षेत्र के पर्यावरण मित्र मौजूद रहे।
स्वच्छता चौपाल का संदेश साफ रहा—काशीपुर की तस्वीर बदलने की कमान सिर्फ नगर निगम के हाथ में नहीं, हर नागरिक के हाथ में भी है।
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