उत्तराखंड का लाल देश सेवा में शहीद: 21 वर्षीय अग्निवीर जवान रोहित रावत का पार्थिव शरीर पहुंचा पैतृक गांव; तिरंगे में लिपटा देख परिजनों में कोहराम
टिहरी गढ़वाल, 12 जून 2026: देवभूमि उत्तराखंड के लिए एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। सीमा पर मां भारती की रक्षा करते हुए उत्तराखंड ने अपना एक और वीर सपूत खो दिया है। टिहरी जिले के घनसाली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मेन्डू सिंदवाल गांव निवासी $21$ वर्षीय जांबाज अग्निवीर जवान रोहित रावत देश सेवा के दौरान शहीद हो गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 10 जून को जम्मू क्षेत्र में अपनी सैन्य ड्यूटी के दौरान उन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। शहीद रोहित रावत का पार्थिव शरीर गुरुवार शाम सेना के विशेष वाहन से उनके पैतृक गांव पहुंचा, जिसके बाद से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।
20 गढ़वाल राइफल्स में तैनात थे रोहित; एक साल पहले ही पूरा किया था सेना में जाने का सपना
शहीद रोहित रावत भारतीय सेना की विधिक और गौरवशाली रेजीमेंट 20 गढ़वाल राइफल्स में तैनात थे। वह महज एक साल पहले ही देश सेवा के जज्बे के साथ भारतीय सेना में बतौर अग्निवीर भर्ती हुए थे।
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तिरंगे में लिपटा आया बेटा: जब गुरुवार देर शाम शहीद रोहित का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो उनके बुजुर्ग माता-पिता और भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
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श्रद्धांजलि देने उमड़ा जनसैलाब: अपने लाडले के अंतिम दर्शन और विधिक विदाई के लिए मेन्डू सिंदवाल गांव समेत आसपास के दर्जनों गांवों के सैकड़ों ग्रामीण और पूर्व सैनिक शहीद के आवास पर पहुंचे और नम आंखों से उन्हें विधिक श्रद्धांजलि अर्पित की।
तीन भाई-बहनों में सबसे छोटे थे रोहित; शहादत पर गम के साथ गर्व
शहीद रोहित रावत अपने तीन भाई-बहनों में सबसे छोटे और पूरे परिवार के लाडले थे। उनसे बड़ा एक भाई और फिर एक बड़ी बहन है। छोटी उम्र में ही देश के लिए जान न्योछावर करने वाले रोहित की शहादत पर स्थानीय ग्रामीणों ने कहा:
“हमें अपने वीर बेटे को खोने का गहरा और विधिक दुख है, लेकिन पूरे क्षेत्र को इस बात का विधिक गर्व भी है कि उसने मात्र 21 वर्ष की अल्पायु में देश की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। रोहित की यह विधिक शहादत आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करेगी।”
— स्थानीय ग्रामीण
सैन्य सम्मान के साथ आज होगी विधिक अंत्येष्टि
प्रशासनिक और सैन्य सूत्रों के अनुसार, आज शुक्रवार को शहीद अग्निवीर रोहित रावत का पार्थिव शरीर पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार के लिए घाट पर ले जाया जाएगा। सेना के जवानों द्वारा उन्हें विधिक ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ (Guard of Honour) और मातमी धुन के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड के वीर जवान लगातार सीमाओं पर अपनी विधिक बहादुरी का परिचय दे रहे हैं। अभी बीते दिनों ही उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के रहने वाले 25 वर्षीय जांबाज सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी भी जम्मू-कश्मीर के राजौरी में काउंटर-टेररिज्म ऑपरेशन (‘ऑपरेशन शेरोवाली’) के दौरान एक दुर्गम और गहरी खाई में गिरने के कारण शहीद हो गए थे। एक के बाद एक दो युवा सैन्य जांबाजों को खोने से पूरे उत्तराखंड राज्य में शोक की लहर फैली हुई है।
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