महिला दारोगा द्वारा दंपति को पीटने और कोर्ट के कागज फाड़ने पर हाई कोर्ट हुई सख्त, सारे मामले की जांच को लेकर एसएसपी को 12 अप्रैल को रिपोर्ट पेश करने के दिए आदेश
High Court becomes strict on woman sub-inspector beating couple and tearing court papers, orders SSP to submit report on April 12 regarding investigation of entire matter
राजू अनेजा, नैनीताल। किच्छा कोतवाली में महिला दरोगा द्वारा दंपति के साथ की गई मारपीट और कोर्ट के आदेश की कॉपी को फाड़ने पर हाई कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए पूरे प्रकरण की जांच कर एसएसपी को 12 अप्रैल को रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी किए हैं।
आपको बताते चले कि किच्छा निवासी रवि रस्तोगी ने यही निवासी युवती के साथ उसके परिजनों की रजामंदी के खिलाफ विवाह रचाया था। रवि रस्तोगी ने युवती के परिजनों से अपनी और अपनी पत्नी की जान को खतरा बताते हुये उच्च न्यायालय में एक रिट डालते हुये सुरक्षा की गुहार लगाई थी। उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश पंकज पुरोहित और न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने मामले का संज्ञान लेते हुये किच्छा कोतवाल को उक्त दोनों को सुरक्षा प्रदान करते हुये मामले की सुनवाई के लिये आगामी 12 अप्रैल की तिथि निश्चित की थी। गत 6 अप्रैल को जब उच्च न्यायालय का आर्डर लेकर रवि रस्तोगी अपनी पत्नी, बहन राधा रस्तोगी और मॉ सीमा चौहान के साथ किच्छा कोतवाली पहुंचा तो वहां मौजूद महिला एसआई ने उच्च न्यायालय के आर्डर की कॉपी को फैंक कर उक्त जनों से अभद्रता शुरू कर दी थी। रवि रस्तोगी द्वारा जब उसे उच्च न्यायालय का आर्डर बताते हुये पुनः उसके हाथ में कापी दी तो गुस्साई महिला एसआई ने उसे फाड़ दिया। रवि रस्तोगी का आरोप था कि इस दौरान उक्त महिला एसआई ने उसके व उसकी बहन, मॉ के साथ मारपीट भी की गई। जिसको लेकर रवि रस्तोगी के अधिवक्ता हर्ष तनेजा द्वारा आज उच्च न्यायालय की खण्डपीठ के समक्ष उक्त प्रकरण को रखते हुये उच्च न्यायालय के आदेश की फटी कॉपी दिखायी गई और किच्छा कोतवाली में लगे सीसीटीवी कैमरे की पूरी रिकाडिंग को सुरक्षित रखवाने के साथ ही दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। जिस पर उच्च न्यायालय की खण्डपीठ ने इसे गंभीरता से लेते हुये एसएसपी,ऊधमसिंहनगर को उक्त प्रकरण की जांच कर रिर्पोट आगामी 12 अप्रैल को पेश करने का मौखिक आदेश दिया है।

