मोबाइल गेमिंग की दुनिया ने छीन लिया एक मां का लाल, कमरे में फंदे से लटका मिला जवान बेटा,

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आत्महत्या से पहले मोबाइल किया फॉर्मेट, डेटा डिलीट होने से जांच उलझी; अंतर्मुखी स्वभाव और गेमिंग की लत पर पुलिस का फोकस
राजू अनेजा,काशीपुर। कुंडेश्वरा गांव में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। 20 वर्षीय युवक मनीष ने अपने ही घर के कमरे में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। शुरुआती पुलिस जांच में मोबाइल गेमिंग की लत को आत्महत्या की संभावित वजह माना जा रहा है। वहीं, घटना से पहले युवक द्वारा अपना मोबाइल फोन फॉर्मेट कर डेटा डिलीट किए जाने से मामला और भी रहस्यमय हो गया है। पुलिस अब हर पहलू से मामले की गहन जांच में जुटी है।

 

मां ने कमरे में देखा तो उड़ गए होश

घटना शनिवार शाम की है। मनीष घर पर अपनी मां के साथ था, जबकि उसके पिता रमेश रोज़ की तरह काम पर गए हुए थे। काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आने पर मां उसे बुलाने पहुंची। जैसे ही उन्होंने कमरे का दरवाजा खोला, सामने बेटे का शव पंखे से लटका देख उनके होश उड़ गए। मां की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और युवक को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

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पुलिस ने कब्जे में लिया शव, कराया पोस्टमार्टम

सूचना मिलते ही कुंडेश्वरी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और गांव में शोक का माहौल है।

मोबाइल गेमिंग की लत बनी जांच का अहम बिंदु

कुंडेश्वरी चौकी प्रभारी मनोज धोनी ने बताया कि शुरुआती जांच में यह तथ्य सामने आया है कि मनीष को मोबाइल फोन पर गेम खेलने की गंभीर लत थी। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ में भी इस बात की पुष्टि हुई है कि वह घंटों मोबाइल पर गेम खेलता रहता था। पुलिस इसी एंगल को भी गंभीरता से जांच रही है।

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आत्महत्या से पहले मोबाइल फॉर्मेट कर मिटाया पूरा डेटा

जांच के दौरान एक चौंकाने वाली बात सामने आई कि मनीष ने आत्महत्या से पहले अपना मोबाइल फोन पूरी तरह फॉर्मेट कर दिया था। फोन से डेटा डिलीट होने के कारण पुलिस को कई अहम जानकारियां जुटाने में कठिनाई हो रही है। अब मोबाइल की फोरेंसिक जांच कर यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि घटना से पहले युवक किन गतिविधियों में शामिल था और क्या उसके मोबाइल में कोई ऐसा सुराग था, जिसे मिटाने का प्रयास किया गया।

 

अंतर्मुखी था मनीष, लोगों से कम रखता था मेलजोल

परिजनों ने पुलिस को बताया कि मनीष का स्वभाव काफी अंतर्मुखी था। वह परिवार के सदस्यों और बाहर के लोगों से भी बहुत कम बातचीत करता था। उसका अधिकांश समय अकेले ही बीतता था। वह मानसिक रूप से किसी परेशानी में था या नहीं, इसका भी पुलिस पता लगा रही है।

 

आठवीं तक पढ़ाई, फिर पिता का हाथ बंटाने लगा

 

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मनीष ने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। आर्थिक परिस्थितियों के चलते उसने पढ़ाई छोड़ दी और पिता का हाथ बंटाने के लिए ट्रक चलाने का काम करने लगा था। परिवार को उसकी इस तरह की कोई आशंका नहीं थी, जिससे घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया।

हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस

पुलिस का कहना है कि फिलहाल आत्महत्या के पीछे मोबाइल गेमिंग की लत एक संभावित वजह के रूप में सामने आई है, लेकिन अन्य सभी पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है। मोबाइल की तकनीकी जांच, परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के पीछे की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।

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