लव ट्रायंगल में खूनी साजिश! भाभी का तीसरे शख्स से चल रहा था अफेयर, देवर के साथ भी था चक्कर, फिर एक दिन…

खबर शेयर करें -

सरधना। छह मार्च को सरधना के कांवड़ पटरी मार्ग पर मिला शव दिल्ली के रवि उर्फ सोनू का था। भाभी के प्रेमी ने साथी के साथ मिलकर रवि की हत्या कर सरधना क्षेत्र में शव फेंक दिया था।

दरअसल, भाभी से रवि के भी संबंध थे। दिल्ली पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों की गिरफ्तारी कर घटना का पर्दाफाश कर दिया।

पढ़िए लव ट्रायंगल की पूरी कहानी

शुक्रवार को दिल्ली के नजफगढ़ क्षेत्र में थाना बाबा हरिदास नगर थाने की पुलिस सरधना थाने में पहुंची। पुलिस ने बताया कि छह मार्च को सरधना के कांवड़ पटरी मार्ग पर मिला शव नजफगढ़ के दिचाऊं निवासी 32 वर्षीय रवि उर्फ सोनू पुत्र बलवान सिंह का था।

रवि की बहन ज्योति ने बाबा हरिदास नगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस की विवेचना में सामने आया कि रवि का अपनी भाभी से प्रेम संबंध था। साथ ही उसकी भाभी हरियाणा के झज्जर जिले के रहने वाले नीरज सहरावत से प्यार करती थी।

यह भी पढ़ें 👉  95 वर्षीय बुजुर्ग ने अपनी ही राइफल से खुद को मारी गोली; सुसाइड नोट में बहू पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप

कारोबार बढ़ाने का दिया झांसा

नीरज सहरावत की नजफगढ़ में शटरिंग की दुकान है। रवि को नीरज के बारे में जानकारी मिली, तो उसने विरोध किया। तब नीरज सहरावत ने अपने साथी दिचाऊं निवासी नीरज दहिया के साथ रवि की हत्या का प्लान बनाया। नीरज दहिया भी नजफगढ़ में मिट्टी भराई का काम करता था। उसे झांसा दिया गया कि रवि की हत्या में मदद करने पर कारोबार बढ़ाने में उसकी मदद की जाएगी।

एक साथ पीते थे शराब

रवि ने 18 लाख में अपनी जमीन बेची थी। इसलिए नीरज सहरावत और नीरज दहिया के साथ शाम को बैठकर शराब पीते थे। दो मार्च को भी तीनों एकत्र हुए। उसके बाद प्लानिंग के अनुसार, नीरज सहरावत और नीरज दहिया कार में बैठाकर रवि को अपने साथ ऋषिकेश तक लेकर पहुंचे।

यह भी पढ़ें 👉  हाईटेक नकल गैंग का पर्दाफाश: सेफ्टी टैंक जैसे 'अंडरग्राउंड चैंबर' से चल रहा था खेल; ₹10 लाख में सौदा

वहां से लौटते समय उसकी हत्या कर शव फेंकने का स्थान देख रहे थे। हरिद्वार से स्थान ढूंढते हुए सरधना कांवड़ पटरी मार्ग पर पहुंचे, यहां पर गला दबाया और उसके सिर में तीन गोली मारकर शव को पटरी के किनारे फेंक कर दिल्ली चले गए।

वाईफाई से कनेक्ट था मोबाइल फोन

नीरज सहरावत ने एलएलबी की हुई है। उसने मोबाइल को फ्लाइट मोड पर डालकर वाइफाई से कनेक्ट कर दिया था, ताकि मोबाइल टावर की लोकेशन नहीं मिल सकें। वाट्सएप कॉल पर ही बातचीत कर रहे थे। यही कारण है कि मोबाइल टावर का बीटीएस उठाने के बाद पुलिस हत्यारोपियों तक नहीं पहुंच पाई।

यह भी पढ़ें 👉  रुद्रपुर: नाले के पास मिला नवजात का शव, ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में सनसनी; पुलिस कराएगी DNA टेस्ट

ऐसे हुआ पर्दाफाश

रवि के मोबाइल की कॉल डिटेल से सामने आया कि नीरज दहिया और नीरज सहरावत से उसकी बात होती थी। उसकी भाभी के मोबाइल से जानकारी मिली कि वह नीरज सहरावत से भी बात करती थी। तभी नीरज सहरावत को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।

दिल्ली पुलिस की पूछताछ में उसने पर्दाफाश कर दिया। तब पुलिस दोनों हत्यारोपियों को साथ लेकर सरधना पहुंची थी, जहां पर हत्या कर रवि का शव डाला गया था। रवि के कपड़ों के आधार पर उनके परिवार ने भी पहचान कर ली है।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad