धरती हिलते ही मचा हड़कंप: चमोली था केंद्र, हल्द्वानी-लालकुआं समेत उत्तराखंड के 8 जिलों में महसूस हुए झटके

लालकुआं/देहरादून। उत्तराखंड की धरती एक बार फिर तेज भूकंप के झटकों से दहल उठी है। देर रात राज्य के सीमांत जिले चमोली को केंद्र बनाकर आए 4.9 तीव्रता के भूकंप ने पूरे उत्तराखंड समेत उत्तर भारत के कई राज्यों को हिलाकर रख दिया। चमोली, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, हल्द्वानी (नैनीताल) और उधमसिंह नगर समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में अचानक धरती कांपने लगी। झटके इतने तेज थे कि लोग आधी रात को गहरी नींद से जाग उठे और डर के मारे चीखते-पुकारते अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। फिलहाल राहत की बात यह है कि आपदा प्रबंधन और पुलिस प्रशासन को कहीं से भी किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
चमोली रहा केंद्र; दिल्ली-एनसीआर और पंजाब तक महसूस हुए झटके
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के आंकड़ों के अनुसार, भूकंप देर रात 10:24 बजे के आसपास महसूस किया गया, जिसका केंद्र उत्तराखंड का चमोली जिला था। भूकंप की गहराई जमीन से लगभग 13 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.9 मापी गई। इस प्राकृतिक हलचल का असर केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका प्रभाव अंतरराज्यीय स्तर पर देखा गया। चमोली केंद्र बिंदु से 254 किमी दूर शिमला, 258 किमी दूर कुरुक्षेत्र, 273 किमी दूर नोएडा, 275 किमी दूर चंडीगढ़ और 282 किमी दूर देश की राजधानी नई दिल्ली तक भूकंप के झटके साफ तौर पर महसूस किए गए।
हिमालयी राज्य उत्तराखंड में भूकंपीय संवेदनशीलता: अब जोन-6 में शामिल
उत्तराखंड एक अति-संवेदनशील हिमालयी राज्य है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण अक्सर भूकंप आते रहते हैं। संवेदनशीलता के लिहाज से राज्य के जोखिम स्तर में हाल ही में बड़ा बदलाव हुआ है:
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जोन 4 और 5 से जोन 6 में बदलाव: पहले उत्तराखंड को भूकंपीय संवेदनशीलता के आधार पर ‘जोन 4’ और ‘जोन 5’ में वर्गीकृत किया गया था।
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BIS का नया मानचित्र (2025): भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा वर्ष 2025 में जारी देश के नए भूकंपीय मानचित्र के तहत उत्तराखंड को सर्वाधिक जोखिम वाले ‘जोन 6’ में शामिल कर दिया गया है।
मौसम विभाग का अलर्ट: तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना
भूकंप के झटकों के बीच मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों के लिए मौसम का ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) जारी किया है। आगामी कुछ घंटों के भीतर देहरादून, हरिद्वार और टिहरी गढ़वाल के कई हिस्सों—विशेषकर लक्सर, मंगलौर, लच्छीवाला, डोईवाला, सेलाकुई, हरबर्टपुर, चंबा, घनसाली, टिपरी और झबरेड़ा क्षेत्रों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और आंधी-तूफान के साथ मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने सभी जिला अधिकारियों और आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

