
राजू अनेजा,काशीपुर। शहर के प्रसिद्ध द्रोणाचार्य स्थल स्थित द्रोणा सागर में एक सूखा पेड़ किसी बड़े हादसे का इंतजार करता नजर आ रहा है। सुबह-शाम सैर करने वालों की पसंदीदा इस जगह पर रोजाना हजारों लोग पहुंचते हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की अनदेखी के चलते यहां खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पेड़ पूरी तरह सूख चुका है और गिरने की कगार पर खड़ा है। खास बात यह है कि इन दिनों तेज आंधी-तूफान का दौर भी चल रहा है, ऐसे में अगर यह पेड़ किसी राहगीर या सैर करने वाले पर गिर गया तो बड़ा हादसा हो सकता है।
“क्या किसी बड़े हादसे के बाद जागेगा प्रशासन?”
लोगों का सवाल है कि आखिर प्रशासन और वन विभाग इस खतरे को कब गंभीरता से लेंगे। क्या किसी की जान जाने के बाद ही कार्रवाई होगी?
KDF की पहल: कई बार किया पत्राचार, फिर भी कार्रवाई नहीं
जनता की गुहार पर KDF (काशीपुर डेवलपमेंट फोरम) द्वारा इस खतरनाक पेड़ को हटाने के लिए कई बार प्रशासन और वन विभाग को पत्राचार किया जा चुका है। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
जनता का प्रस्ताव: अगर सिस्टम हो तैयार तो अ पने खर्चे पर पेड़ हटाने को तैयार
वॉकिंग के समय लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए सैर को आने वाले लोगों ने प्रशासन से अनुमति मिलने पर इस सूखे पेड़ को अपने खर्चे पर कटवाने की पेशकश की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाया गया तो भविष्य में कोई बड़ी जनहानि हो सकती है।
जिम्मेदारी से भाग रहे विभाग?
अब सवाल यह है कि जब खतरा साफ नजर आ रहा है और लोग लगातार चेतावनी दे रहे हैं, तो जिम्मेदार विभाग आखिर क्यों चुप हैं। द्रोणा सागर जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में इस तरह की लापरवाही किसी बड़े हादसे को दावत दे सकती है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है, ताकि किसी भी अनहोनी से पहले खतरे को टाला जा सके।
वन विभाग ने दिलाया भरोसा
मीडिया के द्वारा जानकारी प्राप्त हुयी है अति शीघ्र इस पेड़ को कटवाया जाएगा ताकि कोई दुर्घटना न हो।
देवेंद्र सिंह चौहान क्षेत्राधिकारी वन विभाग काशीपुर
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