राजाजी टाइगर रिजर्व में गठित होगा कॉर्बेट मॉडल पर बाघ संरक्षण बल: अग्निवीरों की भर्ती को मिलेगी प्राथमिकता, CM धामी की अध्यक्षता में वन्यजीव बोर्ड का बड़ा फैसला
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्य में बाघों और वन्यजीवों की सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में राजाजी टाइगर रिजर्व में कॉर्बेट के मॉडल पर बाघ संरक्षण बल (TPF) के गठन को मंजूरी दी गई। इस विशेष बल में सेवा समाप्त कर चुके अनुशासित और प्रशिक्षित ‘अग्निवीरों’ की भर्ती को प्राथमिकता दी जाएगी। बैठक में वन्यजीव संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने, वन्यजीव तस्करी रोकने और इको-टूरिज्म के जरिए स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर कई दूरगामी निर्णय लिए गए।
वन्यजीवों की सुरक्षा और तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सरकार AI आधारित निगरानी प्रणाली, वन्यजीव गलियारों के संरक्षण और प्राकृतिक जल स्रोतों व चरागाहों के विकास पर विशेष जोर दे रही है। इसके तहत कुम्भ-2027 के दौरान हाथियों को रेडियो कॉलर लगाने, राजाजी क्षेत्र में AI निगरानी तंत्र स्थापित करने तथा वन विभाग को जांच के लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDRs) तक पहुंच प्रदान करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। वहीं, मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए 10 जिलों में क्षेत्रीय तेंदुआ उपचार एवं पुनर्वास केंद्र की स्थापना, भालू और तेंदुओं के व्यवहार पर वैज्ञानिक अध्ययन, जिला स्तरीय प्रबंधन समितियों का तेजी से गठन तथा संघर्ष के दौरान जान बचाने वाले साहसी नागरिकों को राज्य स्तर पर सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है।


