रात में ट्रांसफर, सुबह रोक — रामनगर कोतवाली में उलटफेर से हलचल

खबर शेयर करें -


रामनगर कोतवाल सुशील कुमार का ट्रांसफर रोका, चर्चाओं का बाजार गर्म

दो माह में ट्रांसफर, फिर रातों-रात रोक… कोतवाली स्टाफ़ की तैनाती पर फिर उठे सवाल

राजू अनेजा,रामनगर।रामनगर कोतवाली एक बार फिर चर्चाओं के केंद्र में है। बुधवार देर रात प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार का ट्रांसफर वापस बनभुलपुरा कर दिया गया था, लेकिन शुक्रवार सुबह उनके ट्रांसफर पर रोक लगा दी गई। दो माह से कम समय में हुए ट्रांसफर और फिर उसके स्थगन ने क्षेत्र में अटकलों का दौर तेज कर दिया है।

रामनगर कोतवाली—जहां तैनाती को लेकर हमेशा चर्चा रहती है

रामनगर कोतवाली में अधिकारियों और सिपाहियों की तैनाती लंबे समय से सुर्खियों में रहती आई है।
मनमाकिफ चौकी की पोस्टिंग के लिए अक्सर खींचतान और जोर आज़माइश की बातें सामने आती रही हैं।

यह भी पढ़ें 👉  सिस्टम से हारा चाय विक्रेता: 4 महीने से न्याय के लिए भटक रहे युवक ने जनसुनवाई में निकाली पेट्रोल की बोतल

पूर्व में कोतवाल कैलाश पवार के समय में तो चौकियों में भेजे जाने वाले सिपाहियों की पोस्टिंग के लिए लाटरी सिस्टम तक अपनाया गया था।
प्रभारी निरीक्षक अरुण सैनी ने यहाँ सर्वाधिक 3 वर्ष 9 माह की सेवा दी। उनके 23 सितंबर को कालाढूंगी स्थानांतरण के बाद 10 अक्टूबर तक कोतवाल का पद खाली रहा।

सुशील कुमार को 11 अक्टूबर को मिली थी जिम्मेदारी

11 अक्टूबर को बनभुलपुरा कोतवाली में तैनात सुशील कुमार को रामनगर कोतवाल का चार्ज दिया गया था। लेकिन मात्र दो माह पूरे होने से पहले ही बुधवार रात उनका ट्रांसफर फिर से बनभुलपुरा कर दिया गया।

यह भी पढ़ें 👉  हथियारों की खेप और राजनीति: किच्छा विधायक बेहड़ के 'हिंसा की साजिश' वाले आरोप पर पूर्व विधायक शुक्ला का पलटवार

गुरुवार को सुशील कुमार ने कोतवाली में बने आवास से अपना सामान तक समेटना शुरू कर दिया था।
इधर, नए कोतवाल दिनेश फर्त्याल के स्वागत के पोस्ट इंटरनेट मीडिया पर जमकर वायरल होने लगे थे।

सुबह-सुबह बदला माहौल, ट्रांसफर पर लगी रोक

शुक्रवार सुबह स्थिति अचानक बदल गई। शहर में सुशील कुमार का ट्रांसफर रुकने की चर्चा फैल गई।
पुष्टि स्वयं प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार ने की।

“पूछड़ी में प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई के चलते ट्रांसफर रोका गया” — सुशील कुमार

सुशील कुमार ने बताया कि पूछड़ी क्षेत्र में अतिक्रमण ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई प्रस्तावित है।
इस संवेदनशील अभियान को देखते हुए फिलहाल उनका ट्रांसफर रोक दिया गया है।

यह भी पढ़ें 👉  खनन माफियाओं का दुस्साहस, वन दारोगा को ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश, मारपीट का वीडियो वायरल

स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएँ

ट्रांसफर, फिर सामान समेटना, नए कोतवाल के स्वागत की तैयारियाँ और फिर अचानक ट्रांसफर पर रोक…
इन घटनाओं ने शहर भर में चर्चाओं का सिलसिला तेज कर दिया है।

 

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad