UKSSSC पेपर लीक मामले में गिरोह के सरगना की पहचान, सादिक मूसा और योगेश्वर दोनों फरार

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देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पेपर लीक मामले में गिरफ्तार मुख्य अभियुक्तों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इसी के तहत 21 अभियुक्तों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत देहरादून के रायपुर थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है. मुख्य अभियुक्तों की अवैध रूप से अर्जित की गई चल-अचल संपत्ति (धन) को गैंगस्टर अधिनियम के तहत जब्त करने की कार्रवाई विधिवत रूप से शीघ्र शुरू की जा सके. एसटीएफ ने यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में सैय्यद सादिक मूसा का मुख्य आरोपी बनाया है. वहीं एसटीएफ को उसके एक साथी योगेश्वर राव की भी तलाश है.

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एसटीएफ ने सैय्यद सादिक मूसा और योगेश्वर राव पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया है. गैंग का सरगना सैय्यद सादिक मूसा उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर का रहने वाला है, जबकि उसका साथी योगेश्वर लखनऊ का रहने वाला है. एसटीएफ के मुताबिक उत्तर प्रदेश के नकल माफिया और UKSSSC पेपर लीक गैंग के सरगना के रूप में फरार अभियुक्त सैय्यद सादिक मूसा की पहचान हुई है. STF की अलग-अलग टीमें मूसा और योगेश्वर की तलाश में यूपी के अलग-अलग ठिकानों में धरपकड़ में जुटी है.

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बता दें UKSSSC पेपर लीक मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन की नीति के तहत माफियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. उसी क्रम में DGP अशोक कुमार ने एसटीएफ को नकल माफियों और संगठित अपराधियों द्वारा अर्जित अवैध संपत्ति को गैंगस्टर एक्ट के तहत ज़ब्त करने के आदेश दिए थे. इस मामले में अभीतक 32 लोगों को गिरफ्तार हो चुकी है. अभीतक इस पूरे खेल का सरगाना उत्तरकाशी की हॉकम सिंह बताया जा रहा था, लेकिन अब धीरे-धीरे परते खुल रहे है.

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