बर्तन मांजने वाली कलिता माजी बनीं विधायक: ऑसग्राम की जनता ने एक घरेलू कामगार के हाथों में सौंपी क्षेत्र की कमान

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भारतीय लोकतंत्र की खूबसूरती और ताकत को बयां करती एक प्रेरक खबर पश्चिम बंगाल के ऑसग्राम विधानसभा क्षेत्र से सामने आई है, जहाँ दशकों तक दूसरों के घरों में बर्तन साफ करने वाली कलिता माजी अब विधानसभा पहुंच गई हैं. महीने में महज 2,500 रुपये कमाने वाली एक घरेलू कामगार कलिता माजी ने अपनी मेहनत और जनता के अटूट विश्वास के दम पर तमाम राजनीतिक दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए विधायक पद तक का सफर तय किया है. भाजपा की टिकट पर ऑसग्राम (एससी) सीट से चुनाव लड़ने वाली कलिता पिछले दो दशकों से घरों में साफ-सफाई का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही थीं. उन्होंने पिछले 10 वर्षों से राजनीति में सक्रिय रहकर एक बूथ-स्तर की कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई थी.

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इस चुनाव में कलिता माजी ने घर-घर जाकर प्रचार किया और तृणमूल कांग्रेस के श्यामा प्रसन्ना लाहौर को 12,535 मतों के भारी अंतर से शिकस्त दी. कलिता को कुल 1,07,692 वोट हासिल हुए. गौरतलब है कि भाजपा ने उन पर 2021 के चुनाव में भी भरोसा जताया था, जहाँ उन्होंने 41% वोट हासिल किए थे, हालांकि तब वह करीब 12,000 वोटों से हार गई थीं. इस बार की प्रचंड जीत ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि संकल्प दृढ़ हो, तो संसाधनों की कमी कभी भी जनसेवा के मार्ग में बाधा नहीं बन सकती.

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