उत्तराखंड : अदम्य साहस का परिचय देते हुए 10 साल की बच्ची ने तेंदुए से अपनी और अपने भाई की बचाई जान

खबर शेयर करें -

उत्तराखंड के पौड़ी जिले के श्रीनगर में 10 वर्षीय एक बालिका ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए तेंदुए से न केवल अपनी जान बचाई बल्कि अपने छोटे भाई को भी उसके चंगुल से निकालने में सफल रही।

खिर्सू ब्लॉक के गांव भटोली में सोमवार देर शाम हुई इस घटना में सात वर्षीय बालक की पीठ पर तेंदुए के पंजों के तीन नाखून लग गए जिससे वह मामूली रूप से घायल हो गया ।

यह भी पढ़ें 👉  वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार के बड़े भाई किशोर कुमार का दिल्ली में आकस्मिक निधन, क्षेत्र में शोक की लहर; रविवार को होगा अंतिम संस्कार

गढ़वाल वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी ललित मोहन नेगी ने बताया कि प्रियांशी अपने भाई प्रिंस के साथ बरामदे में पढ़ रही थी कि तभी अचानक तेंदुआ आ धमका और कुर्सी पर बैठे प्रिंस की ओर झपटा।

अचानक हुए हमले के बावजूद प्रियांशी ने स्वयं को संभालते हुए अपने भाई को कुर्सी समेत पीछे खींच लिया और जिस मेंज पर दोनों पढ़ रहे थे, उसे तेंदुए की ओर पलट दिया।

यह भी पढ़ें 👉  स्वतंत्रता दिवस पर समाजसेवी गोकुलानंद उपाध्याय ने दी बधाई: बोले— 'आंतरिक विचारों से मुक्ति ही वास्तविक स्वतंत्रता', नशामुक्त समाज और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

इस बीच, बच्चों की चीख पुकार सुनकर उनके माता-पिता और अन्य परिजन भी बरामदे में पहुंचे लेकिन तब तक तेंदुआ भाग गया था। नेगी ने बताया कि हमले में प्रिंस की पीठ पर तेंदुआ का पंजा लग गए जिसके बाद उसे उपचार के लिए बेस अस्पताल श्रीकोट लाया गया । प्राथमिक उपचार के बाद प्रिंस को घर भेज दिया गया।

वन अधिकारी ने बताया कि तेंदुए के हमले में घायल होने पर बच्चे के परिजनों को तत्काल दो हजार रुपये दिए गए वहीं शेष राशि भी उन्हें जल्द दे दी जाएगी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से वन विभाग की टीम को गांव में तैनात कर दिया गया है।