उत्तराखंड : चाचा की हत्या करने के बाद प्रकाश पंत बन गया ओमप्रकाश, इस एक गलती से 14 साल बाद हुआ गिरफ्तार

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अपने ही चाचा की हत्या के बाद फरार हुए भतीजे को उत्तराखंड एसटीएफ ने आखिरकार 14 साल बाद गिरफ्तार कर लिया है. मिली जानकारी के मुताबिक प्रकाश पंत नाम के इस व्यक्ति ने भूमि विवाद के चलते 14 साल पहले नैनीताल में दिनदहाड़े अपने ही सगे चाचा दुर्गा पंत की गोली मारकर हत्या कर दी थी.

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था.

पुलिस लगातार इसकी तलाश में जुटी रही. आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए देश के कई शहरों को ठिकाना बनाया और आखिरी में हरियाणा के फरीदाबाद में नाम बदलकर रहने लगा. पुलिस के मुताबिक अब प्रकाश पंत की पहचान ओमप्रकाश के नाम से है जोकि अपनी पत्नी और बच्चों के साथ बल्लभगढ़ में रह रहा था. नैनीताल पुलिस भी आरोपी की तलाश में सालों तक जुटी रही थी.

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एसटीएफ लगातार जुटी रही आरोपी की तलाश में

इस मामले में जब पुलिस को ये पता चला था कि आरोपी नेपाल भाग गया है तो नैनीताल पुलिस ने भी खोजबीन बंद कर दी थी, लेकिन एसटीएफ लगातार इसकी तलाश में जुटी रही. आरोपी की एक गलती ने उसे अब सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है. दरअसल, आरोपी प्रकाश पंत ने अपनी पत्नी को अपने पुराने फोन से कॉल किया था. जिससे एसटीएफ को आरोपी के बारे में पता चल गया था.

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फरीदाबाद से किया गया गिरफ्तार

इसके बाद एसटीएफ की टीम हरियाणा के फरीदाबाद जिले में पहुंची और एक लाख के ईनामी प्रकाश पंत उर्फ ओमप्रकाश को अरेस्ट कर जेल भेज दिया. वहीं एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि एसटीएफ की लिस्ट में अभी कई और भी फरार ईनामी हैं. जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं.

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