उत्तराखंड मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना: अकेली महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

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उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रदेश की अकेली महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें सशक्त करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान कर महिलाओं को अपना व्यवसाय स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।


💰 योजना के तहत वित्तीय सहायता

  • लोन की अधिकतम राशि: ₹2 लाख तक।

  • सब्सिडी (अनुदान): सरकार की ओर से 75% सब्सिडी दी जाएगी (अर्थात ₹1.5 लाख तक)।

  • महिला का योगदान (लोन चुकाना): महिला लाभार्थी को केवल 25% (यानी ₹50,000) ही वापस लौटाने होंगे।

  • बजट प्रावधान: योजना के लिए ₹30 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान रखा गया है।

  • खाता खोलना: योजना का लाभ उठाने के लिए महिलाओं को ₹25,000 में बैंक अकाउंट खुलवाना होगा।

  • धनराशि का वितरण: प्रदेश सरकार की ओर से सब्सिडी की राशि तीन किस्तों में सीधे महिला लाभार्थी के खाते में ट्रांसफर की जाएगी।

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📅 प्रमुख निर्णय

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 16 मई 2025 को कैबिनेट बैठक में राज्य की एकल महिलाओं को सशक्त बनाने और आर्थिक मदद देने के लिए इस योजना को लागू करने का अहम फैसला लिया था।

👩‍💼 पात्र महिलाओं की श्रेणियाँ

यह योजना उन महिलाओं के लिए है जो किसी कारणवश बिना परिवार के जीवन यापन करने को मजबूर हैं। योजना के तहत निम्नलिखित महिलाएँ पात्र होंगी:

  • निराश्रित महिला

  • विधवा महिला

  • परित्यक्ता महिला (पति द्वारा छोड़ी गई)

  • तलाकशुदा महिला

  • अविवाहित महिला

  • ट्रांसजेंडर व्यक्ति

  • दिव्यांग महिला

  • अपराध एवं एसिड हमले से पीड़ित महिला

  • अकेले बच्चों का पालन पोषण कर रही महिलाएँ (जिनके बच्चे 18 साल के नहीं हुए हैं या घर में अविवाहित बेटी है)।

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🎯 पात्रता की शर्तें

  • निवास: उत्तराखंड की मूल या स्थायी महिला होनी चाहिए।

  • आयु: उम्र 21 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

  • पारिवारिक आय: पारिवारिक आय ₹72,000 प्रतिवर्ष से अधिक न हो

💼 सुझाए गए व्यवसाय

महिलाएं अपनी रुचि के अनुसार कई छोटे व्यवसाय शुरू कर सकती हैं, जैसे:

  • सेवाएँ: ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, बुटीक, टिफिन सेवा, जलपान सेवा, कैंटीन, कैटरिंग, डाटा एंट्री ऑपरेटर, कॉल सेंटर, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन।

  • कृषि एवं संबद्ध: कृषि, बागवानी, पशुपालन, मुर्गी पालन, भेड़ पालन, बकरी पालन, मत्स्य पालन।

  • व्यापार: दुकान या डेयरी।

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📝 योजना का लाभ कैसे उठाएँ

  • आवेदन: योजना का लाभ सीधे जिला स्तर से महिला सशक्तिकरण विभाग के जरिए आवेदन कर लिया जा सकता है।

  • चिह्नित करना: सरकार अब अधिकारियों को ऐसी महिलाओं को चिह्नित कर योजना का लाभ दिलाने के निर्देश भी दे रही है।

  • अधिक जानकारी: अधिक जानकारी के लिए आप msy.uk.gov.in की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

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