उत्तराखंड वन विभाग: 41 डिप्टी रेंजर्स को मिला रेंजर का नया चार्ज; APCCF मीनाक्षी जोशी ने पद छोड़ने से पहले जारी की सूची

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उत्तराखंड वन विभाग से प्रशासनिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। विभाग ने लंबे समय से प्रतीक्षित पदोन्नति की सूची जारी करते हुए 41 डिप्टी रेंजर्स को प्रभारी वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) के पद पर तैनात किया है।

यहाँ इस प्रशासनिक फेरबदल की मुख्य बातें दी गई हैं:

देहरादून (15 अप्रैल 2026): विभागीय कार्यों में गति लाने और अधीनस्थ अधिकारियों के मनोबल को बढ़ाने के उद्देश्य से शासन ने सीनियरिटी के आधार पर प्रभारियों की नई सूची जारी की है।

1. जिम्मेदारी हस्तांतरण से ठीक पहले का निर्णय

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे रोचक पहलू समय (Timing) रहा है। मानव संसाधन (HR) की जिम्मेदारी देख रहीं एडिशनल प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट (APCCF) मीनाक्षी जोशी ने अपना प्रभार छोड़ने से ठीक पहले इस सूची को अंतिम रूप दिया।

  • गौरतलब है कि हाल ही में हुए फेरबदल के तहत मानव संसाधन का प्रभार अब पीके पात्रो को सौंपा गया है।

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2. चयन का आधार: सीनियरिटी और होमवर्क

  • वरिष्ठता: प्रभारी वन क्षेत्राधिकारी बनाए गए इन 41 अधिकारियों का चयन पूरी तरह से सीनियरिटी (Seniority) के आधार पर किया गया है।

  • अनुमोदन: विभाग के भीतर लंबे समय से चल रहे होमवर्क के बाद, वन मंत्री सुबोध उनियाल की स्वीकृति मिलते ही ये आदेश जारी किए गए।

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3. प्रमुख नाम जिन्हें मिला नया दायित्व

सूची में शामिल 41 अधिकारियों में वीरेंद्र दत्त बडोला, देवेंद्र सिंह, ओम प्रकाश, हेमचंद्र आर्य, कमल सिंह पवार, त्रिभुवन सिंह बोरा, कंचन सिंह संभल, चंद्रशेखर शर्मा, उत्तम सिंह रावत, गणेश बहुगुणा, अनीता रावत और अखिलेश रावत जैसे नाम प्रमुख हैं।

4. वन प्रबंधन पर सकारात्मक प्रभाव की उम्मीद

इस निर्णय से विभाग को कई स्तरों पर लाभ मिलने की संभावना है:

  • कार्यक्षमता में वृद्धि: कई डिप्टी रेंजर्स वर्षों से अतिरिक्त काम संभाल रहे थे, अब औपचारिक पद मिलने से वे अधिक जवाबदेही के साथ निर्णय ले सकेंगे।

  • जमीनी स्तर पर पकड़: नई तैनातियों से वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन और अवैध गतिविधियों (तस्करी/अवैध कटान) पर अंकुश लगाने में मजबूती आएगी।

  • मनोबल में सुधार: पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के बीच इस फैसले से संतोष का माहौल है।

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