उत्तराखंड पुलिस का ‘मित्र पुलिस’ रूप: बेटी की शादी के जेवरातों से भरा गुमशुदा बैग ढूंढकर पीड़ित पिता को लौटाया, सीसीटीवी और ई-चालान से चंद घंटों में ट्रैस हुई बस

खबर शेयर करें -

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड पुलिस की मुस्तैदी, संवेदनशीलता और जनसेवा का एक और उत्कृष्ट उदाहरण रुद्रप्रयाग जनपद में देखने को मिला है। यहां कोतवाली रुद्रप्रयाग पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक विवाह वाले घर के छिने हुए चैन को वापस लौटाया है। पुलिस टीम ने एक युवती की शादी के कीमती आभूषणों, नए कपड़ों और महत्वपूर्ण विधिक दस्तावेजों से भरा खोया हुआ बैग सुरक्षित बरामद कर पीड़ित परिवार को सौंप दिया। अपनी बेटी की शादी की जीवनभर की जमा-पूंजी सुरक्षित वापस पाकर भावुक हुए पिता ने उत्तराखंड पुलिस की त्वरित कार्यशैली और तकनीकी दक्षता की मुक्तकंठ से सराहना की है।

नंबर याद न होने से बढ़ गई थी चिंता; सीसीटीवी फुटेज बनी मददगार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चमोली जनपद के ग्राम गौणा निवासी दलीप सिंह ने बीते 6 जून को आपातकालीन नंबर डायल-112 के माध्यम से पुलिस को बेहद परेशान हालत में सूचना दी थी:

  • बस में छूटा बैग: दलीप सिंह अपनी बेटी की शादी का सामान लेकर आ रहे थे। नगरासू के पास भोजन करने के लिए जब वे बस से नीचे उतरे, तो जल्दबाजी में उनका मुख्य बैग वाहन के भीतर ही छूट गया।

  • अज्ञात वाहन की चुनौती: सबसे बड़ी विधिक परेशानी यह थी कि हड़बड़ाहट में दलीप सिंह को संबंधित बस का नंबर भी याद नहीं था, जिससे आभूषणों के मिलने की उम्मीद बेहद कम हो गई थी।

यह भी पढ़ें 👉  सड़क निर्माण में धांधली की शिकायत पर एक्शन में विधायक डॉ. मोहन बिष्ट: बिना बताए मौके पर पहुंचे, अधिकारी मिले नदारद; गुणवत्ता सुधारने के सख्त निर्देश

मामले की गंभीरता और शादी वाले घर की संवेदनशीलता को देखते हुए रुद्रप्रयाग पुलिस कंट्रोल रूम की टीम तत्काल एक्शन में आई। पुलिस ने बिना विधिक विलंब के नगरासू क्षेत्र के विभिन्न व्यावसायिक और विधिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली। पीड़ित दलीप सिंह की मौजूदगी में फुटेज देखकर आखिरकार उस विशेष बस की पहचान कर ली गई।

जीएमओयू प्रबंधन और ई-चालान प्रणाली से चालक तक पहुंची पुलिस

बस का हुलिया स्पष्ट होने के बाद रुद्रप्रयाग पुलिस ने यातायात विभाग की आधुनिक ई-चालान प्रणाली और जीएमओयू (GMOOU) प्रबंधन से संपर्क स्थापित किया। इस विधिक डेटाबेस की मदद से महज कुछ ही समय में वाहन स्वामी और बस चालक का सटीक मोबाइल नंबर खोज निकाला गया।

यह भी पढ़ें 👉  खटीमा में निकाह के दौरान दहेज और मेहर के विवाद में दुल्हन के पिता को आया हार्ट अटैक, मौत; आक्रोशित लोगों ने दूल्हे और बारातियों को बंधक बनाकर पीटा

जब पुलिस टीम ने फोन पर बस चालक से विधिक संपर्क साधा, तो चालक ने भी ईमानदारी और बेहतरीन नागरिक चेतना का परिचय दिया। चालक ने पुलिस को अवगत कराया कि वह वर्तमान में यात्रियों को लेकर ऋषिकेश जा रहा है और वापसी के सफर में इस बैग को सुरक्षित थाने पहुंचा देगा। अपने वादे के मुताबिक, ऋषिकेश से लौटते ही चालक ने बैग को सुरक्षित कोतवाली रुद्रप्रयाग के सुपुर्द कर दिया।

सत्यापन के बाद सुरक्षित सौंपा सामान; पिता की आंखों में आए खुशी के आंसू

कोतवाली रुद्रप्रयाग पुलिस ने विधिक औपचारिकताएं पूरी करते हुए बैग में रखे सभी सोने-चांदी के जेवरातों, कपड़ों और जरूरी कागजातों का भौतिक सत्यापन किया। इसके बाद दलीप सिंह को कोतवाली बुलाकर पूरा सामान सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया गया।

यह भी पढ़ें 👉  लालकुआं विधानसभा चुनाव 2027: भाजपा में ‘बाहरी’ चेहरों की दखलअंदाजी से कांग्रेस को मिली 'संजीवनी', टिकट की रेस में हेमवती नंदन दुर्गापाल और हरेंद्र बोरा प्रबल दावेदार

बेटी की शादी का सबसे महत्वपूर्ण सामान सुरक्षित वापस मिलने पर दलीप सिंह की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और उनकी आंखें भर आईं। उन्होंने उत्तराखंड पुलिस की त्वरित कार्रवाई, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और मानवीय संवेदनाओं का आभार व्यक्त किया। यह विधिक व मानवीय सफलता एक बार फिर सिद्ध करती है कि उत्तराखंड पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट के समय जनता के सच्चे मित्र के रूप में हर कदम पर मुस्तैद है।