देहरादून: उत्तराखंड में छात्रसंघ चुनावों का इंतजार खत्म हो गया है। श्री देव सुमन, कुमाऊं और सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक में 27 सितंबर को राज्यभर में चुनाव कराने का फैसला लिया गया है। हालांकि, देहरादून के चार महाविद्यालयों के लिए चुनाव की तारीखें घोषित नहीं की गई हैं, जिससे एनएसयूआई (NSUI) में नाराजगी है।
एनएसयूआई की नाराजगी का कारण
एनएसयूआई अध्यक्ष विकास नेगी ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि विगत वर्ष राज्य सरकार ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए चुनाव पर रोक लगा दी थी, जिसका इस बार विरोध किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि देहरादून के चारों कॉलेजों में भी पुराने नियमों के अनुसार विश्वविद्यालयों द्वारा घोषित तारीखों पर ही चुनाव कराए जाएं।
नेगी ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री की हठधर्मिता के कारण इन कॉलेजों में चुनाव नहीं हो पा रहे हैं, जो पुरानी परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां शिक्षा के माहौल को खराब कर रही हैं। एनएसयूआई अध्यक्ष ने बताया कि उनका संगठन वोटों में हेराफेरी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगा और पोस्टकार्ड के माध्यम से युवाओं की आवाज राष्ट्रपति तक पहुँचाएगा।



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