किच्छा प्रकरण पर पंजाबी समाज में नाराजगी, बेहड़ के समर्थन में एकजुट हुई महासभा
प्रदेश महामंत्री राजकुमार फुटेला के नेतृत्व में जुटे पदाधिकारी, कथित मारपीट-अभद्रता पर जताया आक्रोश
आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग, सीसीटीवी और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर निष्पक्ष जांच की उठी आवाज
राजू अनेजा, रुद्रपुर।किच्छा नगर पालिका चुनाव के दौरान विधायक एवं वरिष्ठ जनप्रतिनिधि तिलकराज बेहड़ के साथ हुई कथित मारपीट और अभद्रता को लेकर उत्तरांचल पंजाबी महासभा ने कड़ा रुख अपनाया है। घटना के विरोध में बुधवार को प्रदेश महामंत्री राजकुमार फुटेला के नेतृत्व में प्रदेश एवं जिला पदाधिकारी तथा समाज के प्रमुख लोग एक निजी होटल में जुटे। बैठक में घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद और आरोप-प्रत्यारोप स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी जनप्रतिनिधि के साथ मारपीट, अभद्रता अथवा कानून हाथ में लेने की घटना स्वीकार्य नहीं हो सकती। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
“राजनीतिक मतभेद अपनी जगह, लेकिन हिंसा और अभद्रता स्वीकार नहीं”
पदाधिकारियों ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में खड़े होने का मामला नहीं है। सवाल न्याय, कानून और सामाजिक सम्मान का है। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ शिकायत या आरोप हैं तो उसके लिए कानून और न्यायालय की व्यवस्था है। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
उन्होंने कहा कि पंजाबी समाज अपने वरिष्ठ जनप्रतिनिधि तिलकराज बेहड़ के सम्मान के साथ खड़ा है और घटना को लेकर समाज की एकजुटता में किसी प्रकार का भ्रम नहीं होना चाहिए।
“समाज में गुंडातत्व की कोई जगह नहीं”
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक सौहार्द और भाईचारे वाले समाज में गुंडातत्व के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता। राजनीतिक अथवा सामाजिक मतभेदों के नाम पर हिंसा और अभद्रता को बढ़ावा देना समाज के लिए नुकसानदायक है।
उन्होंने कहा कि समाज में गुंडातत्व का प्रवेश कोढ़ के समान है। ऐसे मामलों में समय रहते सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सीसीटीवी और वीडियो फुटेज से सामने आए पूरा सच
महासभा ने 22 सितंबर को किच्छा मंडी समिति स्थित स्ट्रांग रूम के बाहर हुए घटनाक्रम की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की। पदाधिकारियों ने कहा कि घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, उपलब्ध मोबाइल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जांच का आधार बनाए जाएं।
उन्होंने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में कार्रवाई हो। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जांच के दौरान किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय न हो।
मुख्यमंत्री से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की गई।
पदाधिकारियों ने कहा कि प्रशासन को पूरे मामले को राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर देखना चाहिए। सार्वजनिक स्थान पर किसी वरिष्ठ जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह की घटना गंभीर विषय है। निष्पक्ष कार्रवाई से ही आम जनता का कानून-व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होगा।
लोकतांत्रिक मर्यादा से समझौता नहीं
महासभा ने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन हिंसा और अभद्रता लोकतांत्रिक विरोध का तरीका नहीं हो सकता। असहमति को संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से सामने रखा जाना चाहिए।
वक्ताओं ने कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन सामाजिक सम्मान और लोकतांत्रिक मर्यादा उससे ऊपर है। प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए पुख्ता व्यवस्था की मांग
महासभा ने प्रशासन से चुनावी एवं राजनीतिक गतिविधियों के दौरान जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पदाधिकारियों ने समाज के लोगों से भी अपील की कि वे किसी अफवाह अथवा भ्रामक प्रचार का हिस्सा न बनें और जांच के निष्कर्षों का इंतजार करते हुए कानून के दायरे में अपनी बात रखें।
फुटेला के नेतृत्व में दिखी संगठनात्मक एकजुटता
प्रदेश महामंत्री राजकुमार फुटेला के नेतृत्व में हुई बैठक में प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों की मौजूदगी ने महासभा की एकजुटता का संदेश दिया। पदाधिकारियों ने कहा कि पंजाबी समाज न्याय, कानून, सामाजिक सम्मान और भाईचारे के मुद्दे पर एकजुट है।
बैठक में यह लोग रहे मौजूद
राजकुमार फुटेला, राजेश डाबर, हरिश जालोतरा, त्रिलोक अरोरा,संजय अरोरा, रॉकी अरोरा, सूरज अरोरा, गुलशन नारंग, हरीश अरोरा, पंकज बांगा, प्रदीप अरोड़ा, राजू अनेजा, सुरेंद्र छाबड़ा, राजेंद्र चावला, रमेश ग्रोवर, अनिल माटा, गुरदीप गाबा, सोनू खुराना, मनीष गगनेजा, यमन बब्बर, सौरभ गाबा, शिवम जग्गा, हर्षिता अरोड़ा, जतिन नागपाल, अशोक गुंबर, जगदीश टंडन और जगदीश गुंबर सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी एवं लोग मौजूद रहे।
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