ज्योलीकोट में जल जनित बीमारियों का कहर: सीडीओ ने गांवों में किया निरीक्षण, 11 स्कूल और 5 आंगनबाड़ी केंद्र अनिश्चितकाल के लिए बंद
ज्योलीकोट (नैनीताल)। नैनीताल जिले के ज्योलीकोट और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पीलिया तथा डायरिया जैसी जल जनित बीमारियों के तेजी से फैलने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अरविंद कुमार पांडे ने ज्योलीकोट, गाजा, सरियाताल और छीड़ा समेत कई प्रभावित गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर भर्ती मरीजों का हाल-चाल जाना और अधिकारियों को घर-घर जाकर ब्लड व वायरस सैंपलिंग कराने के निर्देश दिए। वहीं, बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी रंजीत सिंह नेगी ने ज्योलीकोट क्षेत्र के 11 प्रमुख स्कूलों और 5 आंगनबाड़ी केंद्रों में अग्रिम आदेशों तक अनिश्चितकालीन अवकाश घोषित कर दिया है।
पेयजल स्रोतों के क्लोरीनेशन और जांच के आदेश, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने जल संस्थान और पेयजल निगम के अधिकारियों को सभी जल स्रोतों की नियमित जांच, सैंपल लेने और क्लोरीनेशन करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दूषित पाए जाने वाले जल स्रोतों को तत्काल सील किया जाएगा और वीरभट्टी में सीवरेज लाइन लीकेज की मरम्मत व शिफ्टिंग का कार्य जल्द पूरा किया जाए। इसके साथ ही पिछले तीन महीनों में लिए गए पानी के सैंपलों की रिपोर्ट भी तलब की गई है। सीडीओ ने चेतावनी दी कि पूरे मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी और पेयजल आपूर्ति या स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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