राजू अनेजा,लाल कुआं। रेलवे स्टेशनों के प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को अल्पाहार के रूप में मिलने वाली गरमा गरम पकोड़ी,पूरी सब्जी,समोसे,ब्रेड पकोड़े,छोले भटूरे और जलेबी अब पूरी तरह से गायब हो गये है।
चौकिये मत! रेलवे प्रशासन ने उक्त खाद्य वस्तुओं की बिक्री पर रोक नही लगाई है बल्कि रेलवे प्रशासन ने साफ-साफ सफाई व्यवस्था के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को देखते हूए सभी स्टेशनों के प्लेटफॉर्म पर वेंडरों को किसी भी स्थिति में उक्त खाद्य पदार्थों को बनाने के लिए चूल्हा न जलाने के सख्त निर्देश दिए है।अब उन्हें यात्रियों को अल्पाहार उपलब्ध कराने के लिए बनाए जाने वाले खाद्य पदार्थो को बनाने के लिए इलेक्ट्रीक (इंडक्शन चूल्हा) उपयोग में लाना होगा।
आपको बताते चले कि रेलवे स्टेशनों के सभी प्लेटफॉर्म पर अक्सर यात्रियों को अपनी भूख शांत करने के लिए अल्पाहार के रुप मे चाय के साथ साथ गरमा गरम पूरी सब्जी,समोसे,ब्रेड पकोड़े,छोले भटूरे और जलेबी आसानी से उपलब्ध हो जाया करती थी जिसके लिए वेंडर अपनी ठेलियों पर गैस के चूल्हों का उपयोग करते नजर आते थे परंन्तु अब आधुनिक युग मे सभी स्टेशनों पर साफ सफाई के साथ ही आग से सुरक्षा को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने ठेलियों पर गैस या किसी भी अग्नि युक्त चूल्हे पर खाद्य वस्तुओं को बनाने पर रोक लगाते हुए इलेक्ट्रिक( इंडक्शन चूल्हों) का उपयोग करने के निर्दश जारी किए है जिसके लिए सभी वेंडरों को अपने काउंटर पर रेलवे से बिजली का कनेक्शन लेना आवश्यक हो गया है जो कि अभी वेंडरों के लिए काफी महंगा साबित हो रहा है फिलहाल रेलवे के उक्त फरमान से अभी स्टेशनों पर बिकने वाली गरमा गरम पूरी सब्जी,समोसे,ब्रेड पकोड़े,छोले भटूरे और जलेबी तो पूरी तरह से नदारद हो गए है और चाय व समोसे वेंडर अपने अपने घरों से बनाकर यात्रियों को उपलब्ध करवा रहे है।देखा जाय तो रेलवे प्रशासन के उक्त निर्देशो से भले ही यात्रियों को नाश्ते के लिए अल्पाहार परोसने में वेंडरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है परंतु सभी स्टेशन साफ व स्वच्छ दिखने लगे है साथ ही आग से होने वाली दुघर्टना पर भी काफी हद तक काबू पाने में भी कामयाबी मिली है।

