राजू अनेजा, रुद्रपुर।सरस मेले की चहल-पहल से लौट रही एक महिला के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की वारदात ने पूरे जनपद को हिला दिया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि घटना मुख्यमंत्री के गृह जनपद में हुई है, जहां सुरक्षा के दावे अक्सर मंचों से गूंजते रहे हैं।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह कई दिनों से मेला देखने की जिद कर रही थी, लेकिन पति ने मना किया था। वह देवर के साथ मेला देखने चली गई। वहीं देवर के दो दोस्त मिले, जो कुछ देर साथ घूमते-फिरते रहे। फास्ट फूड खाने के बाद जब महिला और उसका देवर बाइक से घर लौट रहे थे, तभी आरोपियों ने “शॉर्टकट” का झांसा देकर किच्छा बाईपास की ओर मोड़ लिया।
सुनसान रास्ता, तमंचे की नोक और दरिंदगी
आरोप है कि सुनसान जगह पर पहुंचते ही दोनों युवकों ने तमंचा और चाकू दिखाकर महिला को धमकाया। विरोध करने पर गोली मारने की धमकी दी गई। देवर हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन दरिंदे उसके सामने ही महिला की अस्मत लूटते रहे। करीब एक घंटे तक दोनों दहशत में रहे। उन्हें डर था कि वारदात के बाद कहीं जान से न मार दिया जाए।
पुलिस हरकत में, फरार आरोपियों की तलाश
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और सर्विलांस टीम सक्रिय हो गई। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की भी जांच की जा रही है।
रंपुरा चौकी पुलिस ने आरोपियों के घरों पर दबिश दी, लेकिन वे फरार बताए जा रहे हैं। संभावित ठिकानों पर तलाश जारी है।
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में इस तरह की वारदात ने महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में जिले की कमान संभालने वाले वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के सामने यह बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।
जनता अब सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि कड़ी और उदाहरणीय कार्रवाई की मांग कर रही है। सवाल सीधा है—क्या सख्त कानून और तेज पुलिसिंग के दावों के बीच महिलाओं की सुरक्षा वाकई सुनिश्चित हो पाएगी?
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