अल्मोड़ा : छोटी सी शरारत की सजा के तौर पर मासूम बच्चों के सिर में लीसा गिरवाया, विधायक ने की कार्रवाई की मांग

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अल्मोड़ाः जिले की स्याल्दे तहसील क्षेत्र में ग्राम पंचायत टिटरी में 5 मासूमों के साथ एक दिल दहला देने वाली घटना घटित हुई है. टिटरी गांव के 5 मासूमों की छोटी सी शरारत जान पर बन आई है. दरअसल अपनी गायों और बैलों को चराने जंगल गए बच्चों ने शरारत में लीसा ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा निकाले जा रहे लीसा के कुप्पों को फेंक दिया.

इतनी सी बात पर लीसा ठेकेदार के कर्मचारियों का पारा इतना हाई हो गया कि कर्मचारी बच्चों को उनके घर से पकड़कर लीसा डीपो लाए. पहले तो उनके नाम और पहचान पूछी और फिर उन्हें लीसा के कुप्पे देकर अपने अपने सिर पर डालने को कहा. इस क्रूर कृत्य को करते हुए वे बच्चों को लगातार धमका रहे थे क्या करोगे जिंदगी भर… इस घिनौने कृत्य का वीडियो भी स्वयं लीसा कर्मचारी ने बनाया है.

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वीडियो में दिखाया गया है कि 5 मासूम बच्चों को किस तरह धमकाया जा रहा है. वहीं, बच्चे भी सिर पर लीसा डालते हुए बोल रहे हैं कि उनकी आंखों में जलन हो रही है. वायरल वीडियो के कर्मियों पर अभी तक किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई है. बताया जा रहा है लीसा के कारण कुछ बच्चों की आंख पर सूजन भी आ गई है. दूसरी तरफ निर्दलीय विधायक उमेश कुमार शर्मा ने फेसबुक पर वीडियो पोस्ट करते हुए सीएम धामी से मामले पर कार्रवाई की मांग की है.

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क्या होता है लीसा: लीसा डामर (कोलतार) या गोंद की तरह चिपचिपा पदार्थ है. इसे रेजिन भी कहते हैं. लीसा चीड़ के पेड़ से निकलता है. चीड़ से निकलने वाला लीसा (रेजिन) राजस्व प्राप्ति का बड़ा जरिया है. लीसा का उपयोग तारपीन का तेल बनाने में होता है.

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