इंकलाब जिंदाबाद का नारा लगाते हुए सड़क पर ही लेट गए हरदा, पुलिस ने किया गिरफ्तार
देश में बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर कांग्रेस का देशव्यापी प्रदर्शन जारी है. यह प्रदर्शन सड़क से संसद तक जारी रहा. दिल्ली में केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. जिसमें उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता हरीश रावत भी शामिल हुए. उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी गिरफ्तारी दी.
बता दें कि महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ कांग्रेस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रही है. जबकि, मॉनसून सत्र 2022 की कार्यवाही लगातार हंगामे के चलते बाधित हो रही है. विपक्षी दल सरकार पर हमला बोल रहे हैं. इसी कड़ी में आज पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक प्रेसवार्ता कर सरकार को आड़े हाथ लिया. उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र नहीं रह गया है. वहीं, महंगाई को लेकर कांग्रेसी सांसद प्रदर्शन भी कर रहे हैं. इससे पहले सोनिया गांधी समेत तमाम कांग्रेसी सांसद आज सदन में काले कपड़े पहनकर आए. वहीं, महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में लिया.

वहीं, कांग्रेस नेता हरीश रावत भी प्रदर्शन में शामिल हुए. इस दौरान हरीश रावत इंकलाब जिंदाबाद का नारा लगाते हुए सड़क पर ही लेट गए. वहीं, पुलिस उन्हें जबरदस्ती उठाकर गाड़ी में ले गई. इस दौरान हरीश रावत और उनके समर्थक नारेबाजी करते रहे. प्रदर्शन के दौरान उनके हाथ पर चोट के निशान भी दिखाई दिए. वहीं, हरीश रावत ने ट्टीट कर लिखा है, ‘इंकलाब जिंदाबाद…तानाशाही हुकूमत को इन्हीं हौसलों से डर लगता है, ये जंग जारी रहेगी.’
गौर हो कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 7 अगस्त को सीएम आवास के बाहर उपवास पर बैठने का ऐलान किया है. इससे पहले उनका यह कार्यक्रम 6 अगस्त को तय था, लेकिन हरीश रावत ने इसकी वजह बताते हुए कहा कि 5 अगस्त को उन्हें दिल्ली जाना पड़ रहा है. जहां वे प्रधानमंत्री आवास घेराव में हिस्सा लेंगे. इसलिए 6 अगस्त को यहां उपवास रखना संभव नहीं है. उधर, देहरादून में हरीश रावत की गैर मौजूदगी में ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा के नेतृत्व में राजभवन कूच किया.
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