कांग्रेस को मिला केंद्रीय मंत्री गडकरी का साथ, लोकतंत्र के लिए बताया जरूरी, कांग्रेसियों को दी ये सलाह
कांग्रेस जिस समय देश में ऐतिसाहिसक रूप से बहुत ही बुरे राजनीतिक दौर से गुजर रही है, उसकी हौसला अफजाई के लिए सबसे आगे उसके मुख्य विरोधी दल भाजपा के नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ही आए हैं। उन्होंने कहा है कि देश के लोकतंत्र के लिए कांग्रेस का मजबूत होना बहुत जरूरी है और साथ ही उन्होंने कांग्रेसियों को पार्टी के साथ डटकर खड़े रहने की भी सलाह दी है। उन्होंने कुछ उदाहरण भी दिए हैं, जो निश्चित तौर पर कांग्रेस के नेताओं के लिए मनोबल को बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। इसके साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर भी अपनी बात रखी है।

शनिवार को पुणे में एक जर्नलिज्म अवॉर्ड कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन और हाइवे मंत्री नितिन गडकरी ने कांग्रेस नेताओं के गिरते मनोबल को उठाने के लिए कई अच्छे सलाह दिए हैं और महाराष्ट्र की राजनीति में वापस लौटने की संभावनाओं को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। एक प्रमुख अखबार की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सवाल और जवाब सत्र के दौरान वे बोले, ‘मैं एक राष्ट्रीय राजनेता हूं और इस समय महाराष्ट्र (प्रदेश की राजनीति)में लौटने का इच्छुक नहीं हूं। एक समय की बात है कि मैं खासकर केंद्र में जाने का इच्छुक नहीं था, लेकिन अब मैं वहां खुश हूं। मैं दृढ़ विश्वास से काम करने वाला राजनेता हूं और खासकर महत्वाकांक्षी नहीं हूं।’ उन्होंने यह भी कहा है कि वे प्रधानमंत्री पद की ‘रेस में नहीं’ थे।
गडकरी ने देश में कांग्रेस पार्टी के मजबूत रहने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा है कि क्षेत्रीय दलों को विपक्ष की भूमिका पर कब्जा करने से रोकने के लिए यह आवश्यक है। सबसे बड़ी बात ये है कि कांग्रेस की मुख्य-विरोधी भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता ने कांग्रेसियों को यह भी सलाह दी है कि वो अपना विश्वास बनाए रखें और अपनी पार्टी में ही बने रहें। वो बोले की लोकतंत्र के लिए विपक्ष का मजबूत रहना जरूरी है और कमजोर कांग्रेस लोकतंत्र के लिए सही नहीं है, क्योंकि उसकी जगह क्षेत्रीय पार्टियां ले लेंगी, जो कि अच्छा संकेत नहीं है।
दरअसल, हाल में संपन्न हुए पांच राज्यों में कांग्रेस की दुर्गति होने के बाद पार्टी नेताओं में जिस कदर से निराशा फैली हुई है, उसपर गडकरी ने उदाहरण देकर भी मुख्य विपक्षी दल का हौसला बढ़ाना चाहा है। उन्होंने कहा है, ‘अटल बिहारी वाजपेयी लोकसभा चुनाव हार (1950 के दशक में) गए थे, लेकिन फिर भी पंडित जवाहर लाल नेहरू से उन्हें सम्मान मिलता था। इसलिए लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण है। मेरी दिल से इच्छा है कि कांग्रेस मजबूत बनी रहे। आज जो कांग्रेस में हैं वो निश्चित रूप से अपना विश्वास बनाए रखें और कांग्रेस में बने रहें। वो काम करना जारी रखें और उन्हें हार से निराश नहीं होना चाहिए।’ उन्होंने कहा है कि हर पार्टी का समय आता है, लेकिन जरूरी है कि काम करते रहना चाहिए।
महाराष्ट्र की राजनीति के स्तर में हाल में आई गिरावट पर गडकरी ने कहा है कि ‘महाराष्ट्र में यह परंपरा रही है कि विभिन्न विचारधाराओं और नजरिए के लोग सह-अस्तित्व में रहते हैं। इस तरह (दुर्भावना) की राजनीति महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति में स्वीकार्य नहीं है। आज अलग-अलग दृष्टिकोणों या विचारधाराओं के बजाय…. समस्या कोई विचारधारा नहीं है, बल्कि अवसरवाद है।’ गौरतलब है कि महाराष्ट्र में इस समय विपक्षी पार्टी बीजेपी और महा विकास अघाड़ी में शामिल तीनों सत्ताधारी दलों शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस में जबर्दस्त खींचतान चल रही है।
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