गढ़ी नेगी में चुनावी सरगर्मियां तेज, विकास के दम पर सचिन बाठला सबसे आगे

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राजू अनेजा,काशीपुर/गढ़ी नेगी। नगर पंचायत चुनाव की आहट के साथ गढ़ी नेगी में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। गलियों से लेकर चौपाल तक एक ही चर्चा है—कौन बनेगा नगर पंचायत अध्यक्ष? इस बीच, भाजपा से प्रबल दावेदार के रूप में उभर रहे वरिष्ठ नेता सचिन बाठला ने अपनी मजबूत दावेदारी से चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
करीब 7 वर्षों से बाठला परिवार लगातार ग्राम प्रधान के रूप में क्षेत्र की सेवा करता आ रहा है। इस लंबे कार्यकाल में विकास की जो नींव रखी गई, उसने गढ़ी नेगी को एक अलग पहचान दिलाई। सड़क, पानी, स्वच्छता, आवास और जनसुविधाओं के क्षेत्र में हुए काम आज भी क्षेत्र की पहचान बने हुए हैं।

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विकास बनी पहचान

 

सचिन बाठला ने अपने कार्यकाल में विकास को प्राथमिकता देते हुए कस्बे को नई दिशा देने का प्रयास किया। छोटे से गांव को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर उसे आदर्श नगर बनाने की दिशा में लगातार काम किया गया। यही वजह है कि अब चुनावी माहौल में “काम बनाम वादे” की चर्चा जोरों पर है।

हर वर्ग का समर्थन, युवाओं में खास पकड़

सामाजिक, धार्मिक और खेल गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले सचिन बाठला की छवि एक जमीनी नेता की रही है। क्षेत्र में होने वाले आयोजनों में उनकी मौजूदगी और सहयोग ने उन्हें हर वर्ग के बीच लोकप्रिय बनाया है। खासतौर पर युवाओं में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है—कहा जाता है कि उनकी एक आवाज पर युवा एकजुट होकर खड़े हो जाते हैं।

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भाजपा से मजबूत दावेदारी

भाजपा संगठन में सक्रिय भूमिका निभा चुके सचिन बाठला को पार्टी का मजबूत चेहरा माना जा रहा है। संगठनात्मक अनुभव और जमीनी पकड़ के चलते वे अध्यक्ष पद के लिए सबसे आगे नजर आ रहे हैं।

जनता की नजरें विकास मॉडल पर

 

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गढ़ी नेगी की जनता इस बार भी विकास को ही कसौटी मान रही है। पिछले वर्षों में हुए कामों के आधार पर मतदाता अपना निर्णय तय करने के मूड में दिख रहे हैं।
अब देखना दिलचस्प होगा कि चुनावी मैदान में विकास का यह मॉडल कितना असर दिखाता है और गढ़ी नेगी की सत्ता किसके हाथ आती है।

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