दोस्‍त की हत्‍या कर उसकी बीवी को साथ रखा, 2 साल बाद कर डाला उसका भी कत्‍ल, पुलिस को बताई ये वजह

खबर शेयर करें -

दोस्‍त की पत्‍नी के साथ अवैध रिश्‍तों के बाद एक शख्‍स ने दो साल पहले अपने दोस्‍त की हत्‍या कर दी थी। दोस्‍त को रास्‍ते से हटाने के बाद उसकी बीवी और 2 बच्‍चों को अपने साथ रख लिया। अब उसने दोस्‍त की बीवी को भी गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया।

इटावा के ऊ सराहार इलाके में 21 जून की रात महिला की हत्या का खुलासा करते हुए इटावा पुलिस ने बताया है कि उसके दोस्‍त ने ही इस वारदात को अंजाम दिया था। महिला को पूजा करने के बहाने बुलाकर कार से लाया और गोली मारकर हत्या कर दी। शव पास में ही बंबे में फेंक दिया था।

इसके ये जानकारी शुक्रवार को एसएसपी जय प्रकाश सिंह ने खुलासा करते हुये दी थाना ऊ सराहार क्षेत्र के गांव कौआ पीसापुर के पास 22 जून को 38 वर्षीय मिथलेश पत्नी गजेंद्र निवासी झुंझनु राजस्थान का शव बंबा में पड़ा मिला था। उसकी गोली मारकर हत्या की गयी थी।

एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने छानबीन की तो इस मामले में रम्पुरा ऊसराहार के रहने वाले सतीशचंद्र यादव की संलिप्तता दिखायी दी। सतीश चंद्र ने पुलिस को बताया कि उसने ही मिथलेश की हत्या की थी। वह नोयडा में रहकर काम करता था। गजेंद्र से उसकी दोस्ती हो गयी तो वह घर आने जाने लगा।

यह भी पढ़ें 👉  स्कूल परिसर में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़; पार्षद और हिंदूवादी संगठनों के हंगामे के बाद पुलिस की कार्रवाई

इस बीच गजेंद्र की पत्नी मिथलेश से उसकी दोस्ती हो गयी। इसकी भनक गजेंद्र को लगी तो उसने विरोध किया। बताया कि इस पर उसने गजेंद्र की पत्नी मिथलेश के साथ मिलकर गजेंद्र की हत्या की हत्या कर दी और कार समेत सैफई क्षेत्र की नहर में फेंक दिया था। पुलिस को जब गजेंद्र की कार में उसका शव मिला तो हादसा मानकर फाइल बंद कर दी गयी।

यह भी पढ़ें 👉  नशा तस्करों पर फिर गरजी “खाकी की शेरनी”, 39.58 ग्राम स्मैक के साथ महिला तस्कर गिरफ्तार

सतीश ने बताया कि इसके बाद मिथलेश के दो बच्चों के साथ वह उसके ही घर में रहने लगा था। लेकिन इस बीच मिथलेश की दोस्ती और भी कुछ लोगों से हो गयी, इसीलिये उसने मिथलेश की हत्या कर दी। एसएसपी जय प्रकाश सिंह ने बताया कि हत्यारोपी को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है।

यह भी पढ़ें 👉  लालकुआं की किशोरी से पंतनगर में दुष्कर्म; पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी दबोचा गया

उसके खिलाफ दो साल पहले गजेंद्र की हत्या का मुकदमा भी दर्ज किया जायेगा। एसएसपी ने घटना का खुलासा करने वाली टीम को 50 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है। अनिल कुमार विश्वकर्मा प्रभारी एसओजी, एसआई समित चौधरी प्रभारी सर्विलांस, एसओ गंगादास गौतम थानाध्यक्ष ऊसराहार ने घटना खोलने में काफी मेहनत की।