नैनीताल की सभी पार्किंग को बार कोड और जीपीएस सुविधा से जोड़ा जाएगा : डीआईजी कुमाऊं

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नैनीताल: डीआईजी कुमाऊं नीलेश आनंद भरणे ने पर्यटन सीजन को देखते हुए नैनीताल में यातायात की समीक्षा बैठक की. इस दौरान डीआईजी ने कहा कि नैनीताल में पर्यटन सीजन के दौरान जाम निपटने के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाई जा रही है. उन्होंने बताया कि अब पर्यटकों को बार कोड व जीपीएस के माध्यम से पार्किंग की जानकारी मिलेगी. एक हफ्ते से ज्यादा समय तक सड़क किनारे खड़े वाहनों के खिलाफ एमवी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने बताया कि पहले चरण में जिला प्रशासन के साथ मिलकर नगर पालिका की ओर से सड़क किनारे हुए अतिक्रमण को लेकर कार्रवाई की जाएगी. साथ ही जाम की स्थिति ना बने, इसके लिए मस्जिद तिराहे, घोड़ा स्टैंड समेत अन्य चौराहों को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा.

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डीआईजी ने कहा कि नैनीताल आने वाले पर्यटकों को पार्किंग ढूंढने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा. जल्द ही पर्यटकों को पार्किंग की जानकारी देने के लिए सभी पार्किंग को बार कोड व जीपीएस सुविधा से जोड़ा जा रहा है. पर्यटक बारकोड को स्कैन कर जीपीएस के माध्यम से खाली पार्किंग में जा कर अपने वाहनों को पार्क कर सकेंगे. इससे नैनीताल में लगने वाले जाम से स्थानीयों और पर्यटकों को निजात मिलेगी.

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उन्होंने बताया कि पुलिस शहर की सभी पार्किंग की सूची बनाकर पर्यटक स्थलों व सड़क किनारों पर चस्पा करेगी. इससे पर्यटकों को पार्किंग की जानकारी मिल सकेगी. जिन लोगों के वाहन शहर के अंदर की पार्किंग में लगातार एक हफ्ते से अधिक समय के लिए पार्क होते हैं, उन वाहनों को पर्यटन सीजन के दौरान शहर से बाहर की पार्किंग में भेजने के लिए नोटिस जारी करे जाएंगे. ताकि नैनीताल आने वाले पर्यटकों को शहर के अंदर पार्किंग की सुविधा मिल सके.

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साथ ही जिन लोगों ने सड़क किनारे भवन निर्माण सामग्री रखी है, उनको निर्माण सामग्री हटाने के निर्देश दिए जाएंगे. अगर फिर भी सामग्री नहीं हटाई जाएगी, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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