पुलिस को पता था कि हत्या हुई तो किसने की, पर जेल पहुंचाने में लगे पूरे 8 साल
जयपुर. दिल्ली और राजस्थान की यह वारदात किसी फिल्मी स्टोरी से कम नहीं है. इसमें प्यार भी है, धोखा भी है और हत्या जैसा संगीन जुर्म भी है. सबसे बड़ी बात ये है कि पुलिस को शुरू से ही पता था कि हत्या हुई थी तो किसने की.

लेकिन कोई सबूत नहीं होने की वजह से 8 सालों तक मुजरिम को पकड़ा नहीं जा सका. हत्यारे भी इतने शातिर थे कि पॉलिग्राफी टेस्ट में भी उन्हें नहीं पकड़ जा सका. बाद में ब्रेन मैपिंग टेस्ट में पूरी हकीकत उजागर हुई. दिल्ली के समालखा में रहने वाले पीड़ित रवि कुमार की शादी फरवरी-2011 में अलवर के टपूकड़ा की रहने वाली शकुंतला की शादी से हुई थी. शादी के बाद एक दिन अचानक रवि गायब हो गया. मामले के करीब 8 साल बाद अक्टूबर 2019 में पुलिस ने गुमशुदा रवि और इसके पीछे की कहानी का पता लगा पाया.
ये है कहानी
राजस्थान के अलवर जिले के टपूकड़ा गांव में एक लड़का रहता था. नाम था कमल सिंगला. कमल ट्रांसपोर्ट और बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई का काम करता था. साल 2010 में कमल ने शकुंतला के पड़ोस में एक मकान का निर्माण कराया था. तभी से दोनों की दोस्ती हो गई थी. दोनों के बीच प्रेम प्रसंग भी चल पड़ा. दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे थे लेकिन अलग-अलग कास्ट के होने की वजह से अपने संबंधों को किसी भी बताने से डरते रहे.
दोनों जानते थे कि कास्ट की वजह से दोनों के संबंधों को उनके परिवार स्वीकार नहीं करेंगे. फरवरी-2011 में अलवर के टपूकड़ा की रहने वाली शकुंतला की शादी दिल्ली के समालखा में रहने वाले रवि से हुई थी लेकिन शकुंतला और ट्रांसपोर्टर कमल आपस में प्रेम करते थे. दिल्ली पुलिस के मुताबिक रवि और शकुंतला की शादी के कुछ महीनों के बाद अचानक एक दिन रवि गायब हो गया. उसके पिता ने रवि की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने कार्रवाई शुरू की तो रवि के घरवालों ने शकुंतला, उसके भाई और दोस्त कमल पर शक जाहिर किया. गांव का होने के कारण कमल कभी-कभी शकुंतला के ससुराल भी जाता था लेकिन पुलिस के पास इनके खिलाफ कोई प्रमाण नहीं था.
शातिर हत्यारों को पॉलिग्राफी टेस्ट में मिल गई क्लीन चिट
पुलिस ने 2012 में इनके पॉलिग्राफी टेस्ट कराए लेकिन हत्यारे इतने शातिर थे कि इनको इस टेस्ट में क्लीन चिट मिल गई. रहस्यमयी तरीके से अचानक गायब हुए बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए रवि का पिता जय भगवान लगातार लड़ाई लड़ रहा था. कई सालों तक बेटे का पता न चलते और न्याय भी न मिलने पर पिता ने दिल्ली हाई कोर्ट में 2017 को याचिका लगाई. कोर्ट के आदेश पर टपूकड़ा निवासी ट्रांसपोर्टर कमल की ब्रेन मैपिंग कराई गई. इसमें शकुंतला के भाई को तो क्लीन चिट मिल गई, लेकिन यह साफ हो गया कि रवि की हत्या हो चुकी है. इस ब्रेन मैपिंग में कमल को दोषी पाया गया लेकिन रिपोर्ट के आने के बाद पुलिस कमल को गिरफ्तार करती, इससे पहले वह चंपत हो गया.
अपने आफिस के सामने जमीन में दबा दिया शव
पकड़े जाने के डर से फरार होने के कारण दिल्ली पुलिस का कमल पर शक और गहरा गया. इधर पुलिस से बचने और हत्या के सुबूत मिटाने के लिए कमल अलवर में वापस उस जगह पहुंचा जहां पर उसने रवि की हत्या कर शव जमीन में दबा दिया था. कमल ट्रांसपोर्ट का काम करता था और टपूकड़ा बस स्टैंड के पास हाइवे पर एसके टावर के नाम से आफिस खोल रखा था. हत्या के बाद उसने अपने आफिस के सामने खाली जगह पर शव को दबा दिया ताकि उसकी नजर भी बनी रहे. सालों पहले यहां जंगल था. शव दबाने का किसी को पता नहीं चला. बाद में चारों तरफ मकान बन गए, लेकिन गनीमत रही कि जहां शव दबाया, वह जमीन अब तक खाली थी. मकान बन जाते तो कंकाल के नहीं मिलता. कमल ने जमीन खोदकर आधा-अधूरा कंकाल निकालकर उसके 70 टुकड़े कर अलवर से रेवाड़ी तक के कई किलोमीटर तक के रास्ते में फेंक दिया.
ट्रांसपोर्टर ने ड्राइवर को 70 हजार में हत्या की सुपारी दी
दिल्ली पुलिस लगातार कमल की तलाश में थी और उसके मोबाइल की लोकेशन के आधार पर उसको पकड़ने की कोशिश में थी, लेकिन वह पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो जाता. आखिरकार दिल्ली पुलिस को सफलता मिली और हत्या में शामिल कमल के ड्राइवर गणेश को गिरफ्तार कर लिया. कमल ने उसको हत्या करने के लिए 70 हजार की सुपारी दी थी. गणेश ने पुलिस को कमल के दूसरे मोबाइल नंबर दिए, जिसकी लोकेशन के आधार पर दिल्ली पुलिस ने छापा मारकर कमल को भी गिरफ्तार कर लिया.
हत्या के साक्ष्य मिटाने के लिए कंकाल के कई टुकड़े किए
दिल्ली पुलिस के गिरफ्त में आने के बाद कमल ने हत्या करना कुबूल कर लिया. पुलिस दोनों को लेकर टपूकड़ा पहुंची और तिजारा एसडीएम की मौजूदगी में बुलडोजर से खुदाई कराई गई. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के जांच अधिकारी कमलेश्वर राय के मुताबिक खुदाई में रवि के शव के कुछ कंकाल और अवशेष बरामद हुए. कमल ने पुलिस को बताया कि तब वह जितना कंकाल निकाल सका था, उसके कई टुकड़े किए और अलवर से रेवाड़ी तक के 70 किलोमीटर तक के रास्ते में फेंक दिया. ताकि हत्या के साक्ष्य मिट जाएं.
प्रेमिका की शादी के बाद ससुराल में बना लिए संबंध
दिल्ली पुलिस ने बताया कि टपूकड़ा निवासी कमल पुत्र नानकचंद के पड़ोस में रहने वाली लड़की से प्रेम संबंध थे. वर्ष 2011 में लड़की की शादी दिल्ली के समालखा-कापासेडा निवासी रवि कुमार पुत्र जय भगवान के साथ हो गई. शादी के बाद कमल ने ससुराल में भी संबंध बना लिए. उसके घर आने-जाने लगा. गांव का होने के नाते किसी को शक नहीं हुआ. इसी बीच वह एक दिन रवि को टपूकड़ा चलने की कह अपने साथ कार में लेकर निकल गया. फिर गणेश महतो के साथ मिलकर हत्या कर दी.
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