रामनगर में ड्यूटी के दौरान वन आरक्षी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत: जंगल में सर्वे के दौरान अचानक बिगड़ी तबीयत; पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

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रामनगर: नैनीताल जिले के तराई पश्चिमी वन प्रभाग से एक बेहद दुखद और स्तब्ध करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ गुरुवार को ड्यूटी के दौरान एक वन कर्मी (फॉरेस्ट गार्ड) की संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के आला अधिकारी और स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आए और मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर विधिक पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वन प्रभाग और पुलिस प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक और सही कारणों का विधिक रूप से पता चल सकेगा।

फाटो पर्यटन जोन में चल रहा था सर्वे; अचानक जंगल में ही गिर पड़े वन कर्मी

विभागीय सूत्रों और पुलिस से प्राप्त विधिक जानकारी के अनुसार, मृतक वन कर्मी की शिनाख्त आनंद बल्लभ जोशी के रूप में हुई है, जो तराई पश्चिमी वन प्रभाग के वर्किंग प्लान अनुभाग में वन आरक्षी (फॉरेस्ट गार्ड) के पद पर तैनात थे।

  • अचानक बिगड़ी तबीयत: गुरुवार दोपहर वन आरक्षी आनंद बल्लभ जोशी फाटो पर्यटन जोन क्षेत्र के जंगलों में चल रहे एक विभागीय सर्वे कार्य में शामिल थे।

  • सहकर्मियों में हड़कंप: बताया जा रहा है कि सर्वे के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें तेज चक्कर आने लगे। इससे पहले कि उनके साथ मौजूद अन्य सहकर्मी और वन कर्मी स्थिति को समझ पाते या कोई विधिक प्राथमिक उपचार दे पाते, वे जंगल में ही अचेत होकर गिर पड़े।

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अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम चुकी थीं सांसें; डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

जंगल में वन आरक्षी के गिरते ही वहां मौजूद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। सहकर्मियों ने बिना समय गंवाए तत्काल उन्हें वाहन के जरिए उपचार के लिए रामनगर के संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया। हालांकि, जब तक उन्हें अस्पताल परिसर लाया गया, तब तक उनकी शारीरिक स्थिति बेहद चिंताजनक और गंभीर हो चुकी थी। अस्पताल में तैनात विधिक चिकित्सकों की टीम ने गहन परीक्षण के बाद उन्हें आधिकारिक रूप से ‘मृत’ घोषित कर दिया।

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संयुक्त चिकित्सालय रामनगर की चिकित्सक डॉ. हिमानी ने मामले की विधिक पुष्टि करते हुए बताया कि वन कर्मी को जब अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में लाया गया था, तब प्राथमिक विधिक जांच में यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि उनकी मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही (ब्रॉट डेड) हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि विधिक नियमावली के अनुसार मामले की लिखित सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस चौकी और कोतवाली को दे दी गई है।

विभागीय कर्मचारियों और परिजनों में कोहराम; पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उठेगा मौत से पर्दा

घटना की आधिकारिक सूचना मिलते ही रामनगर कोतवाली पुलिस तुरंत अस्पताल पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर विधिक जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चूंकि शरीर पर प्रथम दृष्टया चोट के कोई निशान नहीं हैं, इसलिए फिलहाल मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। पुलिस ने शव का विधिक पोस्टमार्टम कराया है। डॉक्टरों के पैनल की रिपोर्ट आने के बाद ही यह विधिक रूप से साफ हो पाएगा कि मौत दिल का दौरा पड़ने (हार्ट अटैक) जैसे प्राकृतिक कारणों से हुई है या इसके पीछे कोई अन्य संदेहास्पद वजह रही है।

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उधर, कर्तव्य पालन के दौरान वन कर्मी आनंद बल्लभ जोशी की इस तरह अचानक हुई असमय मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के तमाम विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी अपने साथी के निधन पर गहरा शोक और विधिक संवेदना व्यक्त की है। फिलहाल पुलिस और वन विभाग दोनों स्तरों पर मामले की सघन जांच जारी है।