लालकुआं क्षेत्र में शर्मनाक वारदात: पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल पहुंची 16 वर्षीय नाबालिग ने दिया बच्चे को जन्म; पड़ोस के किशोर पर दुष्कर्म का आरोप, पॉक्सो एक्ट में मुकदमा
लालकुआं/हल्द्वानी: लालकुआं कोतवाली क्षेत्र के हल्दूचौड़ इलाके से एक बेहद स्तब्ध करने वाली और शर्मनाक वारदात सामने आई है। यहाँ पेट में तेज दर्द होने की शिकायत पर डॉ. सुशीला तिवारी चिकित्सालय लाई गई एक 16 वर्ष की नाबालिग किशोरी ने एक बच्चे को जन्म दिया है। जब चिकित्सकों ने प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) की बात कहकर परिजनों को किशोरी के गर्भवती होने की जानकारी दी, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। इस सनसनीखेज मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोपी किशोर के खिलाफ पोक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
सामान्य दर्द समझकर पहुंचे थे अस्पताल; डॉक्टरों की बात सुन परिजन रह गए अवाक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित नाबालिग किशोरी के परिवार की पृष्ठभूमि अत्यंत भावुक करने वाली है।
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पारिवारिक स्थिति: किशोरी की माता का पूर्व में ही देहांत हो चुका है। वह वर्तमान में अपने पिता और तीन बहनों के साथ घर पर रहती है।
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अचानक उठा दर्द: बीते दिनों अचानक किशोरी के पेट में असहनीय और तेज दर्द उठा। पिता और बहनें इसे कोई सामान्य बीमारी या विधिक पेट दर्द समझकर आनन-फानन में उसे उपचार के लिए हल्द्वानी के डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल ले गए।
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अस्पताल में हुआ प्रसव: अस्पताल में जब डॉक्टरों ने किशोरी का गहन मेडिकल चेकअप किया, तो उन्होंने परिजनों को बताया कि किशोरी गर्भवती है और यह दर्द प्रसव पीड़ा का है। स्थिति की गंभीरता और असहनीय दर्द को देखते हुए डॉक्टरों को तुरंत उसका प्रसव (डिलीवरी) कराना पड़ा। किशोरी ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है और वर्तमान में जच्चा-बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
डर और बदनामी के मारे दबाए रखा राज; पड़ोस के ही नाबालिग पर दुष्कर्म का आरोप
अस्पताल में बच्चे के जन्म के बाद जब इस पूरे मामले की विधिक परतें खुलीं, तो एक घिनौनी सच्चाई सामने आई। पूछताछ में पता चला कि पीड़िता के पड़ोस में ही रहने वाले एक किशोर ने बहला-फुसलाकर उसके साथ दुष्कर्म (रेप) की वारदात को अंजाम दिया था, जिसके कारण वह गर्भवती हो गई थी।
लोक-लाज, सामाजिक बदनामी और आरोपी के डर के मारे पीड़िता ने इस बेहद संवेदनशील बात को अपने पिता या बहनों से साझा नहीं किया था, जिसके चलते परिजनों को इसका भनक तक नहीं लग सकी।
पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज; सीओ अमित कुमार सैनी बोले— चल रही है गहन विधिक जांच
अस्पताल प्रशासन के माध्यम से मामले की आधिकारिक सूचना मिलते ही हल्द्वानी पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई। मामले की विधिक प्रगति की जानकारी देते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO), हल्द्वानी अमित कुमार सैनी ने बताया कि पूरा प्रकरण बेहद संवेदनशील है और इसकी हर पहलू से गंभीरता से जांच की जा रही है।
सीओ विभव/अमित कुमार सैनी ने स्पष्ट किया कि, “चूंकि इस पूरे विधिक मामले में पीड़ित किशोरी और आरोपी किशोर दोनों ही कानूनन नाबालिग (माइनर) हैं, इसलिए न्याय के विधिक सिद्धांतों का पालन किया जा रहा है। परिजनों की लिखित शिकायत, अस्पताल के मेमो और मेडिकल रिपोर्ट के पुख्ता विधिक आधार पर आरोपी किशोर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं और पोक्सो अधिनियम (POCSO Act) के तहत मुकदमा दर्ज करने की विधिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।” पुलिस टीम पीड़िता और बच्चे के विधिक बयान दर्ज करने के साथ ही आगे की कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटी है।
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