फ्री में लगवाएं सोलर प्लांट, लाइट का बिल भी नहीं आएगा, कमाई भी होगी

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यदि आप भी अपने घर के लिए सोलर प्लांट लगाना चाहते हैं तो आप सरकार द्वारा दी जा रही कई योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। किसी भी सोलर प्लांट की कीमत दो चीजों पर निर्भर करती है, पहला कि आपको उस सोलर प्लांट से क्या-क्या इक्विपमेंट चलाने हैं और दूसरा आपको किस तरह का सोलर प्लांट लगाना है।

उदाहरण के लिए मान लीजिए कि आपको अपने घर में 1 टन के 2 इन्वर्टर एयर कंडीशनर चलाने हैं, साथ में कूलर, पंखे और लाइट चलानी है तो आपको न्यूनतम 4 किलोवॉट का सोलर सिस्टम लगाना होगा जो प्रतिदिन कम से कम 20 यूनिट बिजली पैदा कर सकें। एक 4 किलोवॉट के सोलर प्लांट में आप 2 एयरकंडीशनर के साथ-साथ घर के अन्य सभी इक्विपमेंट्स जैसे पंखे, कूलर, लैपटॉप, लाइट्स आदि चलाते हैं। आइए जानते हैं कि आप 5 KW का सोलर प्लांट किस तरह लगा कर अपने घऱ में लाइट का खर्चा बचा सकते हैं। यही नहीं, यदि आप अपने सोलर प्लांट द्वारा बनाई गई पूरी विद्युत का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं तो आप उस इलेक्ट्रिसिटी को सरकार को बेच कर कमाई भी कर सकते हैं।

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सोलर प्लांट के लिए आवश्यक सामान

किसी भी सोलर प्लांट के लिए सबसे आवश्यक सामग्री एक सोलर इन्वर्टर, सोलर बैटरी, सोलर पैनल होते हैं। इसके बाद वायर फिक्सिंग, स्टैंड आदि का खर्चा होता है जिस पर अतिरिक्त पैसा देना होता है। इस तरह इन सभी चीजों को मिलाकर हम खर्चा निकाल सकते हैं।

सोलर इन्वर्टर

वर्तमान में मार्केट में 5 किलोवाट के सोलर इन्वर्टर मिलते हैं जिन्हें 4 किलोवॉट का प्लांट चलाने के लिए आप खरीद सकते हैं। हालांकि यह थोड़ा सा महंगा पड़ता है। यदि आपका बजट कम है तो आपको पीडब्ल्यूएम तकनीक वाला सोलर इन्वर्टर लेना चाहिए।

सोलर बैटरी

सोलर बैटरी के आकार पर ही उसकी लागत निर्भर करती है। यदि आप 4 बैटरी इन्वर्टर लेंगे तो वह सस्ता आएगा परन्तु यदि आप 8 बैटरी वाला इन्वर्ट लेंगे तो वह दुगुनी कीमत में आएगा। एक मोटे अंदाजे के अनुसार एक बैटरी आपको लगभग 15,000 रुपए की पड़ती है।

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सोलर पैनल्स

मार्केट में अभी तीन तरह के सोलर पैनल मिलते हैं, जिनकी कीमत अलग हैं। इन तीनों को पॉलीक्रिस्टेलीन, मोनो पर्क, और बाइफेसिएल कहा जाता है। यदि आपका बजट कम है और स्पेस ज्यादा है जो आपको पॉलीक्रिस्टेलीन सोलर पैनल का यूज करना चाहिए। परन्तु आपके पास स्पेस कम है तो आपको बाइफेसियल सोलर पैनल यूज करना चाहिए।

सोलर प्लांट के प्रकार

कोई भी सोलर प्लांट तीन तरह का हो सकता है (1) ऑफ-ग्रिड – जो डायरेक्ट पॉवर सप्लाई करता है, (2) हाईब्रिड – जो ऑफ ग्रिड और ऑन ग्रिड दोनों का कॉम्बीनेशन होता है, (3) ऑन-ग्रिड – जो इलेक्ट्रिसिटी को सेव कर लेता है और आवश्यकता के वक्त काम ले सकते हैं।

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इस तरह यदि आप एक सोलर प्लांट सिस्टम बनाना चाहते हैं तो आपका टोटल खर्चा कुछ इस प्रकार होगा

कम लागत वाला सोलर सिस्टम
सोलर इन्वर्टर = 35,000 रुपए (PWM)
सोलर बैटरी = 60,000 रुपए (150 Ah)
सोलर पैनल = 1,00,000 रुपए (Poly)
अतिरिक्त खर्च = 35,000 रुपए (Wiring, Stand, Etc.)
कुल व्यय = 2,30,000 रुपए

कैसे करें Free Solar Panel Yojana के लिए आवेदन

आप इसके लिए सरकार की आधिकारिक वेबसाइट mnre.gov.in को विजिट करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। सोलर प्लांट लगाने वाली कंपनियां भी इस संबंध में आपको काफी जानकारी उपलब्ध करवा सकती हैं। आप चाहे तो सरकार के हेल्पलाइन नंबर 011-2436-0707 अथवा 011-2436-0404 पर संपर्क करके भी जानकारी ले सकते हैं।

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